किसानों के दिल्ली कूच के कारण हरियाणा सरकार ने बंद किया पंजाब बॉर्डर

नई दिल्ली: भारत सरकार द्वारा लागू किए गए कृषि कानून के विरोध में पंजाब के किसान दिल्ली में प्रदर्शन करने के लिए निकलने वाले हैं। किसानों के रूख को देखते हुए हरियाणा सरकार ने पंजाब बॉर्डर को सील करने का आदेश दिया है। हरियाणा सरकार ने कहा कि दो दिनों के लिए पंजाब बॉर्डर पर आवागमन बन्द किए जाएंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दिल्ली की तरफ कूच कर रहे किसानों को देखते हुए यह फैसला लिया है। वहीं केन्द्र ने 3 दिसंबर को किसानों को दिल्ली में बैठक के लिए बुलाया है।

मुख्यमंत्री ने पंजाब बॉर्डर किया सील

कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर पंजाब के किसान अब दिल्ली कूच करने वाले हैं. इसको लेकर हरियाणा सरकार पहले से ही तैयारी कर रही है। हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि किसानों के दिल्ली कूच के आंदोलन को देखते हुए दो दिन तक पंजाब बॉर्डर सील किए जाएंगे. इस बीच केंद्र ने किसानों को 3 दिसंबर को बैठक के लिए बुलाया है।

कृषि कानून के विरोध में 26-27 को दिल्ली कूच

गौरतलब है कि पंजाब के किसान कई दिनों से पंजाब में कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। पंजाब के किसानों ने इस कानून के विरोध में 26 और 27 को दिल्ली की तरफ कूच की घोषणा की है जिसके कारण हरियाणा सरकार ने 26 और 27 को पंजाब बॉर्डर बंद करने का फैसला लिया। सरकार ने लोगों से यह अपील की है कि लोग इन दो दिनों में दिल्ली बॉर्डर पर जाने से बचें। दरअसल कृषि कानून और बिजली एक्ट के विरोध में किसानों की 472 यूनियनों ने दिल्ली चलो का आह्वाहन दिया है। किसान 26-27 नवंबर को दिल्ली को जोड़ने वाले पांच हाइवे से होते हुए दिल्ली जाएंगे।

अगर प्रदर्शन नहीं करने दिया तो सड़कों को करेंगे जाम

इस अभियान में पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के किसान भाग ले रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि उन्हें प्रदर्शन नहीं करने दिया जाता है तो वो लोग संसद तक जाएंगे और वहां पर प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि यदि उन्हें दिल्ली के अन्दर नहीं जाने दिया जाता है तो दिल्ली को जाने वाली सड़कों को वे जाम कर देंगे।

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