हाथरस केस : पीड़ित परिवार ने गुड़िया की अस्थियां विसर्जित करने से किया इंकार, ये है वजह

हाथरस केस : पीड़ित परिवार ने गुड़िया की अस्थियां विसर्जित करने से किया इंकार, ये है वजह

हाथरस: सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई हाथरस की गुड़िया की अस्थियां तो परिजनों ने बटोर ली हैं पर उसे विसर्जित करने से परिवार ने इंकार कर दिया है। कल शनिवार को प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजनों ने अस्थियों को बटोर कर संग्रहित तो कर लिया। लेकिन उसको विसर्जित करने से साफ़ इंकार कर दिया। परिवार का कहना है कि न्याय मिलने पर ही अस्थियों का विसर्जन किया जाएगा।

बता दें बीतें मंगलवार को देर रात स्थानीय प्रशासन व पुलिस ने गैंगरेप पीड़िता के शव का दाह संस्कार कराया था। जिसके बात मृतिका के परिजनों ने बिना उनकी सहमति के जबरन शव का अंतिम संस्कार करने का आरोप स्थानीय प्रशासन पर लगाया था। यही नहीं परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से पहले बिटिया का चेहरा भी न दिखाए जाने का आरोप प्रशासन पर लगाया। जब उनसे अस्थियां चुनने के लिए कहा गया तो परिजनों ने कहा ये शव है किसका हमे नहीं मालूम। जब ये नहीं पता शव किसका है तो अस्थियां क्यों चुनें। उनका कहना था कि यह तो पुलिस ही बता सकती है कि किसका शव उन्होंने तेल डालकर जलाया है। इस पर प्रशासन ने परिजनों को समझाया, लेकिन परिजनों ने शव को बिटिया का ही मानने से इंकार कर दिया था।

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कल पहुंचे थे अपर प्रमुख गृह सचिव और डीजीपी –

कल हाथरस पहुंचे अपर प्रमुख सचिव गृह अवनीश अवस्थी और उत्तर प्रदेश के डीजीपी ने परिजनों ने भेंट कर घटना के बारे में जानकारी ली। अधिकारीयों ने बात चीत के बाद मिले आश्वासन से संतुष्ट होकर परिजन शाम में अस्थियां लेने पहुंचे। जहाँ पीड़िता के भाई ने बहन की अस्थियां एकत्र की।

मीडिया से बात करते हुए भाई ने कहा कि जबतक उनके परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तबतक वह अस्थियों का गंगाघाट में विसर्जन नहीं करेंगे। ऐसे में चार दिन बाद भी पीड़िता की चिता की राख में मौजूद अस्थियों को गंगा घाट का इंतजार है। जिससे की उन्हें मुक्ति मिल सके।

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