हाथरस गैंगरेप: परिजन लगाते रहे अंतिम दर्शन की गुहार, पुलिस ने जबरन कर दिया अंतिम संस्कार

  1. लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस का श्लोगन है ” सुरक्षा आपकी संकल्प हमारा” लेकिन मौजूदा हालात में ये नारा बदल कर “सुरक्षा अपराधियों की संकल्प हमारा” हो गया है। कानपुर में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए आठ पुलिस वाले शहीद हुए तो पूरे देश ने उनके लिए मातम मनाया, लेकिन जब इसी यूपी पुलिस की हैवानियत सामने आती है, तो शर्म आती है, ऐसी पुलिस पर। पुलिस के ऐसे कृत्यों से लोगों के दिल में पुलिस के लिए सिर्फ गुस्सा और नफरत आता है। ऐसा ही कारनामा यूपी पुलिस ने एक बार फिर हाथरस गैंगरेप केस में किया है। गैंगरेप पीड़िता की मौत का जिम्मेदार अगर कोई है तो वह उत्तर प्रदेश की शासन व्यवस्था और उत्तर प्रदेश पुलिस है।

पहले तो यूपी पुलिस इस घटना को ही फेक न्यूज बताती रही, अपराधियों को खुलेआम संरक्षण देती रही। लेकिन जब पीड़िता की तबीयत ज्यादा खराब हुई, लोकल मीडिया ने इस मुद्दे को उठाया और मामला जब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया, तब जाकर आठ दिन बाद पुलिस ने गैंगरेप की धारा जोड़ी।

आखिरकार इस घटिहा कानून व्यवस्था की शिकार हाथरस की दलित बिटिया 29 सितंबर की सुबह इस अच्छे दिन वाले अच्छे समाज के मुंह पर कलंक लगाकर इस नपुंसक समाज को हमेशा के लिए छोड़कर चली गई।

पीड़िता की मौत के बाद यूपी पुलिस और योगी सरकार को चाहिए था कि उसके परिजनों के दुखों पर मरहम लगाया जाय, लेकिन यहां भी पुलिस ने अपनी हैवानियत जारी रखी। पीड़िता के परिवार वाले अपनी बिटिया को एक आखिरी विदाई के लिए पुलिस से भीख मांगते रहे, लेकिन पुलिस ने परिवारों वालों की एक ना सुनी, जबरन पीड़िता का अंतिम संस्कार कर दिया।

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत के बाद रात करीब एक बजे पुलिस शव को लेकर पीड़िता के गांव पहुंची, इस दौरान पुलिस के रवैया को लेकर गांव वालों में जबरदस्त गुस्सा था। डीएम – एसपी रात में ही अंतिम संस्कार करने के लिए लड़की के पिता को समझाते रहे, लेकिन वह अपनी बिटिया का अंतिम संस्कार रीति रिवाज के साथ करना चाहते थे। किंतु यह बात यूपी पुलिस को कतई मंजूर नहीं था। रात के करीब ढाई बजे पुलिस ने पीड़िता का अंतिम संस्कार कर दिया। इस दौरान पुलिस ने घेरा बना लिया, किसी को चीता के पास तक जाने नहीं दिया। पुलिस के इस कारनामे से ग्रामीणों में जबरदस्त गुस्सा और नफरत है।

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बता दें कि हाथरस जिले के चदंपा थाने के गांव में 14 सितंबर की सुबह 19 वर्षीय लड़की के साथ हैवानों ने गैंगरेप किया था। गैंगरेप के बाद हैवानों ने लड़की की जीभ काट दी, रीढ़ की हड्डी तोड़ दी, और मामला आगे बढ़ाने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। लेकिन आखिरकार वह इस समाज के मुंह पर धप्पा लगाकर इस दुनिया से चली गई।

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