हाथरस: तीन दिन के बाद टूटी नींद, अपर मुख्य सचिव और डीजीपी पहुंचे पीड़िता के घर

अपर मुख्य सचिव और  डीजीपी
अपर मुख्य सचिव और डीजीपी

हाथरस: हाथरस गैंगरेप मामले में योगी सरकार की चारो तरफ आलोचना हो रही है. जिस तरह से इतने गंभीर मामले में सरकार का रवैया रहा है, उस पर दाग लगना तय है. लेकिन सरकार अब अपने दाग धुलने की पूरी कोशिश करने में जुटी हुई है. कल जहां हाथरस एसपी, सीओ समेत पांच पुलिस अधिकारीयों को निलंबित कर दिया गया.

वहीं आज अपर मुख्य सचिव और डीजीपी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे. कुल मिलाकर योगी सरकार अपने लीपापोती को दबाने के लिए दना-दन ऐसे फैसले ले रही है जिससे जनता और परिवार के मन में ये बात बैठाई जा सके कि सरकार की कोई गलती नहीं है. ऐसा प्रतीत हो रहा है की कल से पहले प्रदेश सरकार को कुछ पता ही नहीं था, प्रदेश हाथरस के एसपी और डीएम चला रहे थे.

डीजीपी और अपर मुख्य सचिव पहुंचे पीड़िता के घर

अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी और डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी आज पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे. करीब 20 मिनट तक उन्होंने परिवार के सदस्यों से बात की. इस दौरान परिवार ने उन पर किए जा रहे अत्याचार की पूरी दास्तान डीजीपी और अपर मुख्य सचिव को सुनाई.

आज मासूम की मौत के तीन दिन बाद प्रदेश के आला अधिकारीयों की नींद टूटी है. आखिर अबतक किस बात का इंतज़ार किया जा रहा था. जो एक्शन अब लिए जा रहे है. यही शुरू में लिया गया होता तो अब तक इस पूरे मामले की तस्वीर कुछ और होती.

न्याय की आस में परिवार

परिवार लगातार पुलिस महकमे और हाथरस के डीएम पर दबाव बनाने और जुल्म करने की बात करता रहा है. भले ही कुछ मोहरों के खिलाफ कार्रवाई कर दी गई हो. लेकिन डीएम पर अब भी कोई संज्ञान नहीं लिया गया है, जबकि परिवार पर दबाव बनाते हुए उनका एक वीडियो भी है. प्रदेश के मुखिया क्या पुलिस की लापरवाही और डीएम के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार का जिम्मा लेंगे, क्या पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें न्याय का भरोसा देंगे. क्या उस परिवार से माफ़ी मांगी जाएगी. ये सारे सवाल मात्र है इसका जवाब जिसके पास है उसके बोलने का सभी को इंतज़ार है.

 

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