वो तड़प-तड़पकर मरते रहे, लोग सेल्फी का मजा लेते रहे…

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जयपुर: लोगों की सहायता करना ही मानवता कहा गया है, लेकिन आज के युग में लोंगों के लिए सेल्फी लेना दूसरों की मदद करने से ज्यादा ऊपर है। दरअसल, ऐसा ही कुछ देखने को मिला है राजस्थान के बाड़मेर जिले में, जहां मंगलवार को तीन बाइकसवार लोग सड़क दुर्घटन का शिकार हो गये थे। एक शख्स की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग खून से लथपथ मदद की आस में तड़पते रहे।

लेकिन मानवता भूल चुके राहगीर फोन से सेल्फी लेने में मग्न हो गये। यहीं नहीं कुछ लोगों तो इसका वीडियो भी बनानने में मशगूल रहे। किसी ने भी घायलों को अस्पताल में ले जाने के बारे में नहीं सोचा। आधे घंटे बाद जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी और रास्ते में ही दोनों ने दम तोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक, यदि घायलों को समय से अस्पताल पहुंचाया जाता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।

राहगीर लेते रहे सेल्फी, घायलों की चली गई जान

मिली जानकारी के अनुसार, परमानंद (27), जेमाराम (30) और चंदाराम (30) दोपहर बाद तकरीबन 2 बजे एक ही बाइक से कहीं जा रहे थे। तभी बाड़मेर के चौताहन के पास एक स्कूल बस ने उनकी बाइक पर टक्कर मार दी थी। इस दौरान परमानंद की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल जेमाराम और चंदाराम सड़क पर तड़पते रहे। बताया जा रहा है कि घायल चंदाराम रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों से मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन वे लोग सेल्फी और वीडियो बनाने में मग्न थे।

दो दिन बाद जाना था गुजरात

एक अखबार में छपी खबर के मुताबिक, इस दर्दनाक सड़क हादसे में मारे गए तीनों शख्स गुजरात की एक सीमेंट फैक्ट्री में लेबर कांट्रैक्टर के तौर पर काम करते थे। वे मजदूरों की तलाश में राजस्थान आए थे। काम पूरा होने पर दो दिन बाद उन्हें गुजरात लौटना था। लेकिन तीनों की हादसे में मौद हो गई।

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