उन्हें यह महसूस हो गया है कि फिल्म इंडस्ट्री कायरों से भरा पड़ा है: अशोक पंडित

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मुंबई: श्री राजपूत करणी सेना ने निर्देशक संजय लीला भंसाली को डराने और धमकाने के लिए अब उनकी मां पर फिल्म बनाने की घोषणा की है। लेकिन बॉलीवुड के एक मुखर सदस्य, फिल्मनिर्माता अशोक पंडित का कहना है कि यह तो बस शुरुआत है।

इंडियन मोशन पिक्च र्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (आईएमपीपीए) के उपाध्यक्ष पंडित ने कहा, “बॉलीवुड को डराने और धमकाने की तो बस शुरुआत हुई है। लोगों को क्या लगता है कि करणी सेना और अन्य असामाजिक तत्व ‘पद्मावत’ के साथ रुक जाएंगे? उन्होंने इसका स्वाद चख लिया है। वे दोबारा वापस आएंगे।”उन्होंने कहा, “उन्हें यह महसूस हो गया है कि मनोरंजन जगत कायरों से भरा पड़ा है।”पंडित ने उन सुपरस्टारों पर तंज कसा, जो ‘पद्मावत’ पर हो रहे हमले पर चुप्पी साधे हुए हैं।
उन्होंने कहा, “जावेद अख्तर, शबाना आजमी और फरहान अख्तार के अलावा किसी ने नहीं कहा कि संजय लीला भंसाली पर हमला क्यों किया जा रहा है। यहां तक कि जिन बड़े कलाकारों ने उनके साथ काम किया, उन्होंने भी नहीं बोला। वे सभी इस मामले से अलग होकर मूकदर्शक बने रहे। जो काफी आश्चर्यजनक है। कोई उनसे यह नहीं कह रहा था कि वे हाथों में बैनर और मोमबत्तियां लेकर सड़क पर उतरें।”

पंडित ने कहा, “आप सभी को समर्थन के लिए ट्वीट करना और फेसबुक पर ब्लॉग ही तो लिखना था। बड़े कलाकार जो अक्सर सोशल मीडिया पर मुखर रहते हैं, वे डर के मारे एक कोने में छिप गए।”

पंडित को लगता है कि करणी सेना जैसे समूह अब ज्यादा से ज्यादा फिल्मों पर अपना जोर दिखाने की कोशिश करेंगे।उन्होंने कहा, “वे यह जानना चाहेंगे कि एक मुस्लिम आमिर खान ‘महाभारत’ क्यों बना रहा है। और मुहम्मद रफी ने सबसे सुंदर भजनों में से एक ‘मन तड़पत हरि दर्शन को आज’ क्यों गाया। फिल्म उद्योग के लिए अब यह दु:स्वप्न खत्म होने नहीं जा रहा है।”
 

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