बॉम्बे हाईकोर्ट के स्किन टू स्किन टच फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, सर्जिकल दस्ताने पहन कर…

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) के स्किन टू स्किन टच फैसले पर सुनवाई की है। कोर्ट ने लीगल सर्विसेज कमेटी को दोनों मामलों में बच्ची से छेड़छाड़ के आरोपियों की तरफ से पैरवी करने का आदेश दिया है और एमिक्स क्यूरी सिद्धार्थ दवे से इस केस में मदद करने को कहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट पर सख्त नाराजगी जताई है और अटार्नी जनरल के वेणुगोपाल ने कोर्ट में कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति सर्जिकल दस्ताने पहन कर एक महिला के शरीर से छेड़छाड़ करता है तो उसे इस फैसले के मुताबिक यौन उत्पीड़न के लिए अपराधी नहीं माना जायेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने जो फैसला सुनाया था वो एक अपमानजनक मिसाल है।

14 सितंबर को होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले में शामिल दोनों मामलों के आरोपियों की ओर से अदालत में कोई पेश नहीं हुआ है। जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस अजय रस्तोगी की बेंच ने सुनवाई करते हुए नोटिस भेजने के बावजूद आरोपियों ने पक्ष नहीं रखा इसलिए सुप्रीम कोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी उनकी पैरवी करे। कोर्ट में अब मामले की सुनवाई 14 सितंबर को होगी सुनवाई।

आरोपी को नहीं किया बरी

आपको बता दें कि 27 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले पर आरोपी को बरी करने पर रोक लगा दी थी जिसमें कहा गया था कि बिना कपड़े उतारे बच्चे के स्तन टटोलने से पोक्सो एक्ट की धारा 8 के अर्थ में यौन उत्पीड़न नहीं होता। इस दौरान अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा था कि निर्णय अभूतपूर्व है और एक खतरनाक मिसाल कायम करने की संभावना है।

 

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