हेल्पेज इंडिया’ को संयुक्त राष्ट्र का पुरस्कार, 28 साल बाद मिला यह सम्मान

पिछले चार दशक से असहाय बुजुर्गों के हितों के लिए काम कर रहा है ‘हेल्पेज इंडिया’। संस्थान उनके हित के मुद्दे उठाता रहा है।

नई दिल्ली: असहाय बुजुर्गों के लिए काम करने वाली स्वयंसेवी संस्था ‘हेल्पेज इंडिया’ को संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या पुरस्कार 2020 से सम्मानित किया गया है।

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनपीएफए) ने आज बताया कि ‘हेल्पेज इंडिया’ यह पुरस्कार पाने वाली पहला भारतीय संस्थान है। साथ ही 28 साल बाद किसी भारतीय को यह सम्मान मिला है। इससे पहले 1992 में जे.आर.डी. टाटा को संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

जरूरतमंद बुजुर्गों का हितकारी है ‘हेल्पेज इंडिया’

‘हेल्पेज इंडिया’ पिछले चार दशक से असहाय बुजुर्गों के हितों के लिए काम कर रहा है। संस्थान उनके हित के मुद्दे उठाता रहा है। यह बुजुर्गों के पेंशन, स्वास्थ्य और सुरक्षा के क्षेत्र में काम करता है।

अर्जेंटीन पिशिन ने की हेल्पेज इंडिया की तारीफ़

भारत में यूएनएफपीए की प्रतिनिधि अर्जेंटीन पिशिन ने हेल्पेज इंडिया की तारीफ करते हुये कहा कि नीतिनिर्माण और बजट में बुजुर्गों को उनका हक दिलाने की दिशा में उसके प्रयासों का असर दिखने लगा है और दुनिया का ध्यान खींचने में सफल रहा है।

यह दुनिया के सबसे बड़े चल स्वास्थ्य सुविधा नेटवर्क का संचालन करता है, उन्हें रोजगार उपलब्ध कराता है और युवाओं को बुजुर्गों से जोड़ता है।

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