गुनाह कबूल, मूर्ति के पैसे नहीं दिए तो हेमा को मारकर नाले में फेंका

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मुंबई/वाराणसी। आर्टिस्ट हेमा उपाध्याय और उनके वकील हरीश भबानी की हत्‍या के मामले में यूपी एटीएस ने वाराणसी से एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान साधु राजभर के रूप में हुई है। साधु ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसने बताया है कि एक मूर्ति के लिए उसने हेमा और उनके वकील की हत्‍या की है। हेमा मूर्ति के पांच लाख रुपए देने को तैयार नहीं थीं। इसलिए साधु ने यह कदम उठाया।

शिवकुमार राजभर के पास से पुलिस को कुल 11 डेबिट और क्रेडिट कार्ड मिले हैं। यूपी पुलिस के मुताबिक़ 5 कार्ड्स हेमा के हैं और 6 वकील के हैं। इसके अलावा शिवकुमार का अपना ID कार्ड भी उसके पास था। एटीएस ने आरोपी को मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया है। इससे पहले हेमा के पति चिंतन समेत चार लोगों को हिरासत में लिया गया था।

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रविवार को मुंबई के कांदीवली इलाके के एक नाले में हेमा और हरीश की लाश मिली थी। एक स्वीपर ने पुलिस को इस घटना की सूचना दी। दोनों लाशें दो कार्डबोर्ड बॉक्स में पाई गईं थी और अंडरगारमेंट्स को छोड़कर उन पर कोई कपड़े नहीं थे। लाशों को प्लास्टिक में लपेटा गया था।

43 वर्षीय हेमा और 65 वर्षीय हरीश की हत्‍या में पुलिस को कांट्रैक्‍ट किलिंग का एंगल दिख रहा था। पुलिस को पता चलता है कि हेमा अपनी कलाकृतियां गोटू नामक शख्स के वेयरहाउस में रखती थीं। दोनों के बीच पांच लाख रुपये का विवाद भी था। हत्या की एक वजह यह भी हो सकती है। गोटू फरार है, जिसकी तलाश के लिए पुलिस की तीन टुकड़ियां बनाई गई हैं। साधु के पकड़े जाने के बाद मामला भले सुलझता दिख रहा हो लेकिन पुलिस ने गोटू की तलाश जारी रखी है।

कौन हैं हेमा

वडोदरा में जन्मीं हेमा गुजरात ललित कला अकादमी और राष्ट्रीय ललित कला अकादमी समेत कई अवॉर्ड जीते हैं। उन्हें मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय छात्रवृत्ति भी मिलती थी। फोटोग्राफी और शिल्प कलाकृतियों को लेकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय ख्याति भी मिली।

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