कोरोना से निपटने के लिए लखनऊ के अस्पतालों में हाई अलर्ट: सीएमओ

लखनऊ। चीन से शुरू हुआ कोरोना वायरस भारत में भी दस्तक दे चुका है। दिल्ली में दो मरीजों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। जबकि आगरा में 6 संदिग्ध मरीज मिले हैं। जिसके बाद भारत में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है। इस संबंध में लखनऊ के सीएमओ नरेन्द्र अग्रवाल ने मंगलवार को एक प्रेस कान्फे्रंस कर कोरोना से निपटने के लिए की गई तैयारियों की जानकारी दी। सीएमओ ने बताया कि अमौसी हवाई अड्डे पर हेल्प डेस्क बनाया गया है। राजधानी के अस्पतालों में 71 आइसोलेशन वार्ड तैयार किए गए हैं। केजीएमयू में कोरोना वायरस जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। कोरोना के लक्षण मिलने पर यात्रियों को विशेष कैंपों में रखकर उनके स्वास्थ्य की निगरानी की रही है।

बताया कि प्रदेश में अब तक 6 संदिग्ध मरीजों को सर्विलांस पर रखा गया है। 5 लोगों की जांच रिपोर्ट आ चुकी है, जो निगेटिव है। हवाई अड्डों पर चीन, दुबई और अन्य देशों से आने वाले यात्रियों की निगरानी की जा रही है। बाहर से आने वाले लोगों पर नजर रखने के लिए कई टीमें बनाई गई है। अमौसी एयरपोर्ट पर 6 डाक्टरों और 8 पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगायी गयी है। एयरपोर्ट पर 24×7 एम्बुलेश व डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है।

सीएमओ ने बताया कि राजधानी के हर अस्पताल में दो-दो लैब टेक्नीशियनों को सैम्पल कलेक्शन की ट्रेनिंग दी जा रही है। सीएमओ ने बताया कि देश भर में अभी तक 200 लोगों को निगरानी में रखा गया है। अब तक करीब 1200 लोगों को सर्विलांस पर रखा जा चुका है। कोरेना वायरस से संबंधित एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया। जिसका नम्बर 0522 2622080 है। इस नंबर पर कोई भी संदिग्ध मरीज या व्यक्ति कोरोना से संबंधित जानकारी या सहायता प्राप्त कर सकता है।

बता दें कि कोरोना वायरस ने चीन में भयंकर तबाही मचाई है। वुहान से शुरू हुए इस घातक वायरस की चपेट में अब तक दुनिया के 25 से ज्यादा देश आ चुके हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे वैश्विक महामारी घोषित किया है। इस खतरनाक वायरस ने भारत में भी दस्तक दे दी है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे देश में हाई अलर्ट जारी किया है।

ईरान, अमेरिका, आस्टेलिया, सीरिया, जापान सहित दुनिया के 25 से ज्यादा देशों में कोरोना वायरल दस्तक दे चुका है। पूरी दुनिया में अब तक 3000 लोगों की इससे मौत हो चुकी है। जबकि हजारों लोग संक्रमित हैं। सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात यह है कि अभी तक इस वायरस को काबू में करने के लिए कोई दवा नहीं खोजी जा सकी है।

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