बढ़ते ओमिक्रॉन केसों को लेकर हाईकोर्ट ने चिंता जताई, PM मोदी और चुनाव आयुक्त से की ये मांग

प्रधानमंत्री चुनाव टालने पर भी विचार करें, क्योंकि जान है तो जहान है.

लगातार बढ़ रहे कोरोना और ओमिक्रॉन केसों को लेकर हाईकोर्ट ने चिंता जताई है. UP के विधानसभा चुनाव से पहले लगातार केसों का बढ़ना चिंता का विषय है. न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने प्रधानमंत्री और चुनाव आयुक्त से अनुरोध किया है कि विधानसभा चुनाव में कोरोना की तीसरी लहर से जनता को बचाने के लिए राजनीतिक पार्टियों की चुनावी रैलियों पर रोक लगाई जाए. उनसे कहा जाए कि चुनाव प्रचार दूरदर्शन और समाचार पत्रों के माध्यम से करें. पार्टियों की चुनावी सभाएं एवं रैलियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं.प्रधानमंत्री चुनाव टालने पर भी विचार करें, क्योंकि जान है तो जहान है.

परिणाम हो सकते हैं भयावह

हाईकोर्ट ने कहा कि दूसरी लहर में लाखों की संख्या में लोग कोरोना संक्रमित हुए और लोगों की मृत्यु हुई. ग्राम पंचायत चुनाव और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव ने लोगों को काफी संक्रमित किया, जिससे लोग मौत के मुंह में गए. अब यूपी विधानसभा का चुनाव निकट है. सभी पार्टियां रैली, सभाएं करके भीड़ जुटा रहीं हैं, जहां किसी भी प्रकार का कोरोना प्रोटोकॉल संभव नहीं है और इसे समय से नहीं रोका गया तो परिणाम दूसरी लहर से कहीं अधिक भयावह होंगे.

कोर्ट में नहीं होती है सोशल डिस्टेंसिंग

न्यायमूर्ति जस्टिस शेखर कुमार यादव ने कहा कि इस न्यायालय के पास करीब 400 मुकदमे सूचीबद्ध हैं. इसी प्रकार से रोज मुकदमे सूचीबद्ध होते हैं. इस कारण बड़ी संख्या में अधिवक्ता आते हैं. उनके बीच किसी भी प्रकार की सोशल डिस्टेंसिंग नहीं होती है. वह आपस में सटकर खड़े होते हैं, जबकि कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मरीज बढ़ते जा रहे हैं, साथ ही तीसरी लहर आने की संभावना है.

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