वोटर लिस्ट से नाम हटाने पर हाईकोर्ट हुआ सख्त 

voterlistइलाहाबाद। चुनाव से पहले विरोधियों का नाम मतदाता सूची से गायब कर देने का खेल इस बार जिला पंचायत और ग्राम पंचायत चुनाव से पूर्व खूब खेला गया है। मतदाता सूची से नाम गायब करने वालों ने जरा भी रहम नहीं दिखायी और एक दो नहीं बल्कि कहीं-कही तो पूरे परिवार का नाम ही मतदाता सूची से गायब कर दिया। इस पर कड़ा रूख अख्तियार करते हुए उच्च न्यायालय ने जानकारी मांगी हैं।

जिलाधिकारी को कोर्ट में बुलाया
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बिना ठोस वजह के मतदाता सूची से 98 मतदाताओं का नाम हटा देने के लिए बीएलओ के खिलाफ कार्यवाही को पर्याप्त नहीं माना और कहा कि नागरिकों का कानूनी अधिकार छीनने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही क्यों नहीं की गयी। कोर्ट में मौजूद बस्ती के जिलाधिकारी अनिल कुमार दमेले को कोर्ट ने पांच जनवरी को इस कार्यवाही एवं संबंधित नियमों के हलफनामे के साथ हाजिर रहने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई पांच जनवरी को होगी।

मतदाता सूची से नाम गायब होने के मामले पर आदेश न्यायमूर्ति तरूण अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति वी.के.मिश्र की खण्डपीठ ने बस्ती के चिलवनिया गांव के निवासी जगदीश प्रसाद की याचिका पर दिया है। याची का कहना है कि उसने व गांव के 98 लोगों ने जिला पंचायत चुनाव में मतदान किया है किन्तु गांव सभा चुनाव की मतदाता सूची से उसका नाम हटा दिया गया। याची अधिवक्ता का कहना है कि ऐसा कार्य राजनैतिक दबाव में दुर्भावनाग्रस्त होकर किया गया है। जबकि जिलाधिकारी ने अपने हलफनामे में बताया है कि नाम हटने का काम किसी दुर्भावनावश नहीं हुआ है।

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