दुनिया में मंदी की खबरों को झूठा साबित कर रहा गुजरात

rbi_121415011426अहमदाबाद। पूरी दुनिया में मंदी की खबर है वहीं दूसरी ओर गुजरात ने इस खबर को झूठा करार दिया है। गुजरात में पहली बार बैंक डिपॉजिट 5 लाख करोड़ के निशान को पार कर गया है। इससे पता चलता है कि इकॉनमी में नरमी आने और दूसरे इन्वेस्टमेंट पर कम रिटर्न के कारण गुजरात के लोग बैंक डिपॉजिट पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं।

बैंक डिपॉजिट 5.14 लाख करोड़ तक पहुंचा
गुजरात की राज्य स्तरीय बैंकर्स कमिटी के पास उपलब्ध डेटा के अनुसार इस वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही के अंत में बैंक डिपॉजिट 5.14 लाख करोड़ तक पहुंच गया। वास्तव में 2007-08 के बाद से डिपॉजिट में तेजी से वृद्धि हुई है। 2007-08 में बैंक डिपॉजिट 1.54 लाख करोड़ था जो 234 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 2015-16 में 5.14 लाख करोड़ के लेवल को पार कर गया। इसी तरह से पिछले सात सालों में अडवांसेज में बढ़ोत्तरी देखी गई है।

2007-08 में थे 1.14 करोड़
2007-08 के रिकार्ड के हिसाब से देखें तो गुजरात के बैंको में अडवांसेज (लोन) 1.14 करोड़ थे। लेकिन अब 2015 में 30 सितम्बर तक 4.03 करोड़ हो गए हैं।

गुजरातियों का ध्यान बैंक डिपॉजिट की तरफ
एक कंसलटेंट ने बताया कि 2000 में जब आईपीओ में बूम आया था तो गुजरातियों ने बड़े स्तर इक्विटी मार्केट में पैसा इंवेस्ट किया था। लेकिन जब बाजार में मंदी आई तो सभी इंवेस्टरों ने पैसा बैंको में डिपॉजिट की तरफ शिफ्ट करना शुरू कर दिया।

बढ़ गया डिपोजिट इंटरेस्ट
जिसके बाद बैंको में बेतहाशा पैसा हो गया, जब बैंको में डिपॉजिट बढ़ा तो जाहिर सी बात है डिपोजिट का इंटरेस्ट भी बढ़ गया। इस डिपॉजिट में एक बात यह भी खास रही कि विदेशो में रह रहे गुजरातियों ने भी गुजरात के बैंको में खूब डिपॉजिट शिफ्ट किया।

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