हिंदी पत्रकारिता दिवस 2021: जानिए इस दिन का इतिहास, ब्रिटिशों के लिए मुसीबत बना यह समाचार पत्र

हिंदी पत्रकारिता दिवस 30 मई को मनाया जाता है। इसी दिन को पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने सन् 1826 में पहला हिंदी समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ का प्रकाशन शुरू किया था

नई दिल्ली: हिंदी पत्रकारिता दिवस हर साल आज ही के दिन यानी कि 30 मई को मनाया जाता है। इसी दिन को पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने सन् 1826 में पहला हिंदी समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ (Udant Martand) का प्रकाशन शुरू किया था। हिंदीं पत्रकारिता शुरूआत करने का श्रेय जुगल किशोर शुक्ल को ही जाता है।

ब्रिटिश काल

लगभग 2 शताब्दी पहले ब्रिटिश काल में देश की राजधानी कलकत्ता में कानपुर के रहने वाले वकील पण्डित जुगल किशोर शुक्ल जी ने अंग्रेजों की नाक के नीचे हिंदी पत्रकारिता के इतिहास की आधारशिला रखी। उस आधारशिला का नाम था ‘उदन्त मार्तण्ड’, जिसने अंग्रेजों की नाक में इस कदर खुजली कर दी की उसका प्रकाशन डेढ़ वर्ष से अधिक न हो सका।

 

साप्ताहिक के प्रकाशक एवं संपादक आदरणीय शुक्ल जी ने आज ही के दिन 30 मई 1826 को ‘उदन्त मार्तण्ड’ का पहला अंक प्रकाशित किया था। प्रत्येक मंगलवार को प्रकाशित होने वाले इस साप्ताहिक अखबार में ‘उदन्त मार्तण्ड’ में हिंदी भाषा के ‘बृज’ और ‘अवधी भाषा’ का मिश्रण होता था। पत्र वितरण में अंग्रेजों द्वारा लगातार डाक शुल्क में छूट न दिये जाने के कारण इसका 79वां और आखिरी अंक दिसंबर 1827 में प्रकाशित हुआ। इस समाचार पत्र के पहले अंक की 500 प्रतियां प्रकाशित हुयी थी।

यह पत्र (12×8) पृष्ठों में छपता था और हर मंगलवार को निकलता था। इसमें विभिन्न नगरों के सरकारी क्षेत्रों की विभिन्न गतिविधियां प्रकाशित होती थीं और उस समय की वैज्ञानिक खोजों तथा आधुनिक जानकारियों को भी महत्त्व दिया जाता था।

समाचार चंद्रिका

इसके उद्देश्य के संबंध में बांग्ला साप्ताहिक ‘समाचार चंद्रिका’ ने लिखा था कि अज्ञान तथा रूढ़ियों के अंधेरों में जकड़े हुए हिन्दुस्तानी लोगों की प्रतिभाओं पर प्रकाश डालने और उदंत मार्तण्ड द्वारा ज्ञान के प्रकाशनार्थ इस पत्र का श्री गणेश हुआ था। और हिन्दुस्तान और नेपाल आदि देशों के लोगों, महाजनों तथा इंगलैंड के साहबों के बीच वितरित हुआ।

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