भ्रष्टाचार मामले में पाकिस्तान से बेहतर हिन्दुस्तान, TI की देखे रिपोर्ट

नई दिल्ली: कोरोना महामारी फैलने के बाद से दुनिया भर में बढ़ते भ्रष्टाचार पर खास ध्यान देते हुए भारत भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक (CPI) में छटे स्थान से गिरकर 86वें नंबर पर पहुंच गया है। साल 2020 के लिए ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल (TI) ने गुरुवार को एक ताजा रिपोर्ट जारी की है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल (TI) ने जो लिस्ट जारी की है उसमे दुनिया भर के 180 देशों में सार्वजनिक क्षेत्र में होने वाले भ्रष्टाचार की रैंकिंग बताता है। 100 अंकों के आधार पर मूल्यांकन कर देशों को रैंकिंग दी जाती है। इस बार जारी की गई लिस्ट में पाकिस्तान के मुकाबले कम, लेकिन चीन के मुकाबले भारत में भ्रष्टाचार ज्यादा है।

भ्रष्टाचार को लेकर ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने ताजा इंडेक्स जारी किया है. शुरुआत 0 से लेकर 100 तक पैमाने का उपयोग होता है। 0 रैंकिंग के हिसाब से माना जाता है कि देश में अधिक भ्रष्टाचार है। भारत 40 अंकों के साथ 180 देशों में 86वें स्थान पर पहुंच गया है। इस वर्ष भारत का सीपीआई स्कोर पिछले वर्ष के स्कोर के बराबर है।

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इस वर्ष जारी की रैंकिंग में भारत 86वें, जबकि अमेरिका 67वें पायदान पर है। डोनाल्ड ट्रंप के शासन में देश में करप्शन बढ़ा है। टॉप 10 देशों में न्यूजीलैंड पहले पायदान पर है, डेनमार्क भी शीर्ष पायदान पर न्यूजीलैंड के साथ है। इसके बाद सिंगापुर, स्विट्जरलैंड, फिनलैंड, स्वीडन, नॉर्वे, नीदरलैंड्स, जर्मनी और लक्जेमबर्ग भी शामिल हैं। एशियाई देशों की रैंकिंग में भारत 86वें पायदान पर है। 78वां रैंक चीन का है जो भारत से थोड़ा ठीक है। वहीं, पाकिस्तान 124वें और नेपाल 117वें स्थान पर है। पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश के मुकाबले भारत की में भ्रष्टाचार कम है।

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