उनकी चुप्पी देश को धोखा देने वाले समझौते के तहत एक साजिश : चतुर्वेदी

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पणजी | कांग्रेस ने सोमवार को गोवा के मुख्यमंत्री और पूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर पर विवादास्पद राफेल करार में चुप्पी साधने का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें फ्रांसीसी सैन्य विमान खरीद के संबंध में कई नियमों का उल्लंघन किए जाने के बारे में पता था।

कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने यहां पार्टी मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए पूछा कि ‘यह कैसे हो सकता है कि पर्रिकर के रक्षामंत्री होने के बावजूद उन्हें यह न पता रहा हो कि एक सौदे पर बात हुई है, हस्ताक्षर हुए हैं और इस पर सहमतियां बनीं हैं।’

चतुर्वेदी ने कहा, “एक रक्षामंत्री जो रक्षा पर मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) के नियमों के उल्लंघन, प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण और रक्षा खरीद प्रक्रिया में नियमों के उल्लंघन के बारे में जानता है, लगातार अपनी चुप्पी बनाए हुए है और मामले में कुछ भी नहीं बोलने का रास्ता चुने हुए है।”

उन्होंने कहा, “इसलिए उनकी चुप्पी देश को धोखा देने वाले इस समझौते के तहत एक साजिश है।” उन्होंने कहा, “यहां एक रक्षामंत्री हैं, जिन्होंने समझौते पर हस्ताक्षर होने से कुछ दिन पहले ऑन रिकार्ड कहा था कि समझौते की कुछ शर्तो में बदलाव असंभव है। लेकिन, आपको पता था कि ये वे वही क्लॉज थे, जिन पर फ्रांस में समझौता हुआ।”

चतुर्वेदी ने कहा, “और, देश ने देखा कि कैसे पर्रिकर ने जवाब देने के बदले तथ्यों को छुपाया। यह सभी जानते हैं कि वह खुद इसके लिए तैयार नहीं थे।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने सितंबर 2016 में पर्रिकर के रक्षामंत्री रहते राफेल करार पर समझौता किया था।

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