सुशांत सिंह राजपूत मामले में CBI जांच पर गृह मंत्री अमित शाह ने भेजा ये जवाब

मुंबई: सुशांत सिंह राजपूत मामले में एक नया मोड़ आ चुका है। इस मामले को एक महीना गुजर चुका है, लेकिन कुछ लोग लगातार इस केस में सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे। इसी को लेकर बिहार के पूर्व सांसद व जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव ने भी गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की थी। अब गृह मंत्री अमित शाह की तरफ से जवाब भेजा गया है। पप्पू यादव ने अमित शाह की ओर से आए जवाब को ट्विट करते हुए लिखा- “अमित शाह जी आप चाहें तो एक मिनट में सुशांत मामले की CBI जांच हो सकती है। इसे टालें नहीं। बिहार के गौरव फ़िल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत जी की संदिग्ध मृत्यु की CBI जांच के लिए केंद्रीय गृह मंत्री जी को पत्र लिख आग्रह किया था। उन्होंने कार्रवाई के लिए पत्र अग्रसारित कर दिया है।” कोई शक नहीं कि सुशांत सिंह राजपूत के केस में यह एक बड़ी पहल हो सकती है। क्योंकि मुंबई पुलिस इस मामले में लगभग अपनी जांच पुरी कर चुकी है और आने वाले 10-15 दिनों में फाइनल रिपोर्ट पेश कर सकती है।

अमित शाह का जवाब अमित शाह ने जवाब में लिखा है- ‘युवा फिल्म अभिनेता स्वर्गीय सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या मामले की जांच केन्द्रिय अन्वेषण ब्यूरो से कराए जाने का आग्रह किया है..’ सुब्रमण्यम स्वामी ने भी प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी भाजपा से राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने भी इस मामले की जांच के लिए एक वकील नियुक्त किया है।

सुब्रमण्यम स्वामी ने इस मामले को लेकर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। माफिया से जुड़े हैं तार स्वामी ने पीएम को लिखे पत्र में कहा- ”मेरे एसोशिएट इन लॉ ईशकरण भंडारी ने सुशांत सिंह राजपूत की कथित सुसाइड पर कुछ रिसर्च की है। पुलिस एफआईआर दर्ज़ करने के बाद अभी भी मामले की जांच कर रही है, मैंने मुंबई में स्थित अपने सूत्रों से सुना है कि इस मामले में बॉलीवुड के कई बड़े नाम, जिनके दुबई के डॉन से संबंध हैं, इसे पुलिस जांच के ज़रिए कवर-अप करना चाहते हैं, ताकि इसे अपनी मर्ज़ी से की गयी ख़ुदकुशी साबित किया जा सके।” सीबीआई जांच हो “इसलिए जनता के भरोसे के लिए मैं यह मांग करता हूं कि मुंबई पुलिस इसकी निष्पक्ष जांच करे। मैं आपसे गुज़ारिश करता हूं कि आप महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को सीधे या राज्यपाल के ज़रिए सीबीआई जांच के लिए सहमत कर सकते हैं। मुंबई पुलिस पहले ही कोरोना वायरस पैनडेमिक और दूसरे मामलों में व्यस्त है। जनता के भरोसे को बनाए रखने के लिए सीबीआई जांच ज़रूरी है।”

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