‘हिमाचल में अन-रजिस्टर्ड होम स्टे और अपार्टमेंट डूबा रहे हैं होटल इंडस्ट्री’

टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा शिमला के आस पास बड़ी संख्या में फर्जी होम स्टे का संचालन भी किया जा रहा है। इसका सीधा असर बजट क्लास होटलों की ऑक्यूपेंसी पर पड़ रहा है।

शिमला: हिमाचल प्रदेश में कोरोना संकट के कारण बंद पड़ी होटल इंडस्ट्री ने सबसे पहले होटल खोलने का कदम उठाया था लेकिन होटलों में बहुत कम ऑक्यूपेंसी के चलते होटलों को संचालित रख पाना मुश्किल हो गया है।

टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहिंद्र सेठ ने आज यहां कहा कि आम दिनों में होटलों की ऑक्यूपेंसी 10 फीसदी और वीकएंड में 15 से 20 फीसदी के करीब आ रही है। इसका सबसे बड़ा कारण बहुत बड़ी संख्या में गैर पंजीकृत विलाॅज, अपार्टमेंट, फ्लैट्स को ऑनलाइन ट्रैवल कंपनियों द्वारा अपने पोर्टल्स के माध्यम से कमरे उपलब्ध करवाना है।

बजट क्लास होटल पर पड़ रहा सीधा असर 

उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं शिमला के आस पास बड़ी संख्या में फर्जी होम स्टे का संचालन भी किया जा रहा है। इसका सीधा असर बजट क्लास होटलों की ऑक्यूपेंसी पर पड़ रहा है। सरकार के खजाने पर भी इसका सीधा असर पड़ता है क्यूंकि गैर पंजीकृत एकमोडेशन से सरकार को कोई टैक्स नही मिलता। होटल वालों को स्टाफ का वेतन, बिजली, पानी तथा अन्य फिक्स्ड खर्चे निकलने मुश्किल हो गए है।

सरकार को जल्द पर्यटन उद्योग के लिए देना चाहिए राहत पैकेज

उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि सरकार को जल्द पर्यटन उद्योग के लिए एक राहत पैकेज देना चाहिए जिसके अन्तर्गत कम से कम एक वर्ष तक बिजली, पानी, गार्बेज फी तथा प्रॉपर्टी टैक्स को घरेलू दरों पर मोहिया करवाने के अलावा बिजली पर लगने वाले फिक्स्ड डिमांड चार्ज खत्म होने का प्रावधान होना चाहिए। इसके साथ ही सभी होटलों को बिना किसी शर्त तथा कॉलेट्रॉल सिक्योरिटी के राज्य के बैंकों से वर्किंग कैपिटल लिमिट्स उपलब्ध करने का प्रावधान होना चाहिए ताकि होटल इंडस्ट्री को पूर्रणतय डूबने से बचाया जा सके।

ट्रेवल एजेंसी का भी बिजनेस पूरी तरह ठप

एसोसिएशन के ट्रेवल चैप्टर के वरिष्ट उप प्रधान अनिल भारद्वाज ने बताया कि ट्रेवल एजेंसी का भी बिजनेस पूरी तरह से ठप पड़ा है क्योंकि जब तक वॉल्वो बसों, एयर सर्विस तथा गुजरात, महाराष्ट्र, बंगाल तथा दिल्ली से रेल गाड़ियों का संचालन दुबारा से शुरू नही किया जाता ट्रेवल एजेंट्स द्वारा बिजनेस की कोई उमीद नही की जा सकती।

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