झारखंड में अपराध कैसे कम हो, यह एक बड़ी चुनौती है: हेमंत सोरेन

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तेजी से साइबर अपराध बढ़ रहा है। साइबर अपराधियों पर नियंत्रण तथा साइबर अपराध के अनुसंधान के लिए अलग से तंत्र बनाएं।

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में अपराध कैसे कम हो को बड़ी चुनौती बताया और कहा कि यदि पुलिसिंग बेहतर हो तो इस दिशा में कामयाबी पाई जा सकती है।

बैठक के दौरान कहा कि पुलिस आम जनता का विश्वास जीते

सोरेन ने आज गृह एवं कारा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि इसके लिए जरूरी है कि पुलिस आम जनता का विश्वास जीते। लोगों से मधुर संबंध और लगातार संवाद स्थापित कर अपराध और अपराधियों को अंकुश में रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस ऐसा काम करें जिससे जनता उन्हें अपना रियल हीरो मानकर सम्मानित करे।

साइबर अपराध बहुत तेजी से बढ़ रहा है: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तेजी से साइबर अपराध बढ़ रहा है। साइबर अपराधियों पर नियंत्रण तथा साइबर अपराध के अनुसंधान के लिए अलग से तंत्र बनाएं। इसके लिए पदों का सृजन कर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाए ताकि साइबर अपराध को नियंत्रित करने की गति तेज हो सके। विभाग ने मुख्यमंत्री को बताया कि स्कूल और कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सामुदायिक पुलिसिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए हर जिले में दस दस विद्यालयों का चयन किया जाना है। इन विद्यालयों के चयनित विद्यार्थियों को सामुदायिक पुलिसिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

सोरेन ने कहा कि राज्य में लगभग 36 हज़ार होमगार्ड जवानों के स्वीकृत पद है। इनमें लगभग 19 हज़ार को दैनिक कार्य के आधार पर भत्ता दिया जाता है। इस वजह से कई जवानों को रोज कार्य नहीं मिल पाता है। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों और अन्य सरकारी उपक्रमों में सुरक्षा जवान के रूप में होमगार्ड जवानों की सेवा लेने के लिए संभावनाओं को तलाशने का काम विभाग करें। साइबर क्राइम प्रिवेंशन अगेंस्ट वूमेन एंड चिल्ड्रन योजना शुरू की जा रही है। महिलाओं एवं बच्चों को साइबर अपराध से बचाने के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इसके साथ ऑनलाइन साइबर रजिस्ट्रेशन यूनिट, कैपेसिटी बिल्डिंग यूनिट, अवेररनेस क्रिएशन यूनिट और शोध एवं विकास यूनिट का गठन किया जा रहा है।

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