पेट्रोल और डीज़ल के बढ़ते दामों पर कितना टैक्स लगाती है मोदी सरकार ?

पेट्रोल के बढ़ते दाम पर सबके मन में एक ही सवाल है कि आखिर केंद्र सरकार टैक्स में कटौती कर बढ़ते दाम पर अंकुश क्यों नहीं लगा रही है। 

नई दिल्ली: पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों ने आम जनता की कमर तोड़ रखी है, बढ़ोत्तरी के बाद ईंधन के दाम देश में अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। कई राज्यों में पेट्रोल 100 रुपये के पार जा चुका है। इस साल लगातार कई बार पेट्रोल और डीज़ल के दामों में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। इस बात को लेकर सबके मन में एक ही सवाल है कि आखिर केंद्र सरकार टैक्स में कटौती कर बढ़ते दाम पर अंकुश क्यों नहीं लगा रही है।

12वें दिन भी पेट्रोल और डीजल का दाम बढ़ा

पेट्रोल पर कितना टैक्स लगाती है सरकार 

तेल के बढ़ते दामों का सबसे बड़ा कारण है इन पर लगने वाला टैक्स। आइये इसे समझने के लिए देश की राजधानी दिल्ली का उदाहरण लेते है। जैसे दिल्ली में बेस कीमत 31.82 रुपये प्रति लीटर है उसके बाद उसमें ढुलाई के 28 पैसे और जुड़ गए। इसके बाद ऑयल मार्केटिंग कंपनियां यह तेल 32.10 रुपये के भाव से डीलर्स को बेचती हैं।

इसके बाद केंद्र सरकार हर लीटर पर 32.90 रुपये का एक्साइज ड्यूटी जोड़ता है। जिसके बाद एक झटके में पेट्रोल की कीमत 65 रुपये पहुँच जाती है। और फिर पेट्रोल पंप डीलर इसमें अपना मुनाफा 3.68 रुपये लेता है। और जिस राज्य में यह बेचा जाता है वहां की सरकार भी इसमें वैद जोड़ता है, जैसे दिल्ली में वैट 20.61 पैसे जुड़ जाता है इस तरह 31.82 का तेल 89.29 रुपये पहुँच जाता है।

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