‘भारतीय कमलम’ यानी Dragon Fruit को आप कितना जानते हैं?

राज्य सरकार का मानना है कि ड्रैगन फ्रूट कमल के जैसा दिखता है इसलिए इसका नाम कमलम होना चाहिए। साथ ही कमल भार्तीय जनता पार्टी का चुनाव चिह्न भी है और गांधीनगर में स्थित गुजरात बीजेपी मुख्यालय को भी कमलम कहा जाता है।

नई दिल्ली: इन दिनों सोशल मीडिया पर ड्रैगन फ्रूट काफी ज्यादा चर्चाओं का विषय बना हुआ है। दरअसल गुजरात के सीएम विजय रुपाणी ने  ड्रैगन फ्रूट (Dragon Fruit) का नाम बदलकर कमलम करने के प्रस्ताव की घोषणा की है। सीएम द्वारा इस घोषणा को सुनने के बाद लोगों ने इसका मजाक बनाना शुरू कर दिया।

बता दें कि राज्य सरकार का मानना है कि ड्रैगन फ्रूट (Dragon fruit) कमल के जैसा दिखता है इसलिए इसका नाम कमलम होना चाहिए। साथ ही कमल भार्तीय जनता पार्टी का चुनाव चिह्न भी है और गांधीनगर में स्थित गुजरात बीजेपी मुख्यालय को भी कमलम कहा जाता है। हालांकि सीएम रुपाणी का कहना है कि इसका नाम बदलने के पीछे किसी भी तरह की राजनीति नहीं है।

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ड्रैगन फ्रूट दक्षिण अमेरिका और मध्य अमेरिका में पाए जाने वाले जंगली कैक्टस की एक प्रजाति है। लैटिन अमेरिकी देशों में इस फल की खेती की जाती है। लंबे वक्त से थाईलैंड और वियतनाम जैसे दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में इसकी खेती की जा रही है। हालांकि, पिछले कुछ सालों से भारत में भी इसकी खेती हो रही है। गुजरात ,केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में भी इसकी खेती होने लगी है।

इस फल को उगाने की खास बात ये है कि आप इसे किसी भी तरह की जमीन पर उगा सकते हैं। इसको उगाने के लिए किसानों को ज्यादा परिश्रम भी नहीं करना पड़ता है। न ही ज्यादा पानी की जरूरत पड़ती है।

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