जब सिम कार्ड में छिपा है सोना तो फिर काहे का रोना…

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नई दिल्ली: अगर हम आपसे कहे कि आपके सिम कार्ड में सोना छिपा है तो शायद आप को विश्वास न हो लेकिन आज हम आपको जो तरीका बताने जा रहे हैं उससे आप घर पर बैठकर ही सोना पा सकते हैं। जी हां, अब एक ऐसा तरीका सामने आया है जिससे आप अपने घर पर ही अपने सिम कार्ड से सोना निकाल सकते हैं। इसके लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं बस कुछ सिम चाहिए।

वैसे तो खराब हो जाने पर सभी अपना सिम कार्ड फेंक देते हैं। लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि आप घर बैठे ही अपने सिम कार्ड से सोना प्राप्त कर सकते हैं। ये तरीका जानने के बाद आप भी सिम कार्ड को फेंकेगे नहीं बल्कि उससे सोना निकालेंगे। यह वीडियो youtube पर Jane kaise नाम के अकाउंट से लगाया गया है

चलिए आपको बताते हैं कि सिम कार्ड से सोना निकालने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है।

इसके लिए आपको 60 ग्राम सिम कार्ड की जरूरत होती है। इसके अलावा गैस बर्नर और फ्राईपैन चाहिए होता है।  एक पेंट ब्रश और छोटा खलबट्टा की जरूरत होती है। साथ ही चाहिए होता है- वीकर और लिड (कांच का जार),  हैड ग्लब्स, हाइड्रोक्लोरिक एसिड, नाइट्रिक एसिड, स्टेनोअस क्लोराइड, अमोनियम थायोसाइनेट, सोडियम मेटाबाईसल्फाइट, बोरेक्स पाउडर।

वीडियो में दावा किया गया है कि जितना ज्यादा सिम उतना ज्यादा सोना। आप खबार सिम को मार्केट से भी खरीद सकते हैं।

सिम कार्ड से सोना बनाने की विधि-

सबसे पहले भी सिम (60 ग्राम) को एक फ्राईपैन में डालकर तेज आंच पर गर्म करें। इन्हें तब तक गर्म करना है जब तक सिम में लगी प्लास्टिक पूरी तरह जलकर राख न बन जाए। जब सिम पूरी तरह से जल जाएं, तब गैस को बंद करके मटेरियल को ठंडा कर लें

अब मटेरियल को खलबट्टे में डालकर हल्के हाथ से कूट लें। ऐसा करने से मटेरियल में मोटे तत्व मौजूद नहीं रहते। ब्रश की मदद से फ्राईपैन का पूरा मेटरियल अच्छी तरह साफ कर  पूरे मेटरियर को एक बिकर में डाल लें। मटेरियल में 100मिली हाइड्रोक्लोरिक एसिड डाल बिकर को लिड से कवर कर लीजिये। अब इसको एक बर्तन में रखकर धीमी आंच पर गर्म करें।

गर्म होने के दौरान इसमें 1.5ML नाइट्रिक एसिड मिलाएं। बीच-बीच में बिकर को उठाकर हिलाएं ताकि सारा मटेरियल मिक्स ठीक से मिक्स हो जाए। अब 30 मिनट के बाद इसमें 75मिली। हाइड्रोक्लोरिक एसिड और 1.5 मिली नाइट्रिक एसिड मिलाएं। इस दौरान बिकर में रिएक्शन होने शुरू हो जाएंगे। अब आंच को धीमी से मिडीयम कर लें और मटेरियल को एक घंटे तक गर्म करें। एक घंटे के बद इसमें 1 मिली नाइट्रिक एसिड मिलाएं जिससे एक बार फिर रिएक्शन होंगे।

अब फिर से इसमें 75मिली हाइड्रोक्लोकिक एसिड और 1.5 मिली नाइट्रिक एसिड मिलाएं और पूरे घोल को अच्छी तकह से हिलाएं। इसमें पीला रंग नजर आने लगेगा। 15 मिनट तक गर्म होने के बाद लिक्विड का स्टेनोअस क्लोराइट टेस्ट करें। इसके लिए कागज के छोटे से टुकडे को घोल में डुबाकर उस पर स्टेनोअस डालें। इस टेस्ट में यदि गोल्डन कलर नहीं आता, तब मटेरियल को गर्म करने की प्रोसेस जारी रखें। बीच-बीच में इसका स्टेनोअस क्लोराइड टेस्ट करते रहें।

इसके बाद मटेरियल में फिर से 1.5 मिली नाइट्रिक एसिड मिलाएं और आंच को मिडीयम से थोड़ी तेज कर दें। आधे घंटे तक गर्म होने के बाद इसमें 1 मिली नाइट्रिक एसिड मिलाएं। अब गैस बंद करके मटेरियल को ठंडा करें। इसके लिए आप आइस क्यूब का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। पूरे मटेरियल को दूसरे बिकर में छान लें। अब थोड़े से अमोनियम थोयोसाइनेट में इस घोल की दो बूंद डालें। अगर ये लाल नजर आए तो इसमें आयर मौजूद है।

अब छने हुए घोल को एक बार फिर धीमी आंच पर 6 से 7 घंटे तक  गर्म होने दें। इस प्रोसेस के बाद ये घोल 100 मिली से भी कम बचेगा। अब इस घोल में 0.5 मिली हाइड्रोक्लोरिक एसिड मिलाए। इसके बाद कागज के टुकड़े को घोल में डुबाकर उस पर स्टेनोअस डालें। एक बार फिर इस घोल में 30मिली हाइड्रोक्लोरिक एसिड मिलाएं और 1 घंटे तक गर्म होने दें। 1 घंटे बाद गैस बंद कर घोस को ठंडा करें।

अब घोल में एक टेबल स्पून सोडियम मेटाबाईसल्फाइट डालकर अच्छी तरह मिलाएं। मिलाने के बाद इस घोल को एक पेपर में छान लें। इस पेपर को लोहे की कटोरी में डालकर बोरेक्स पाउडर मिलाएं। अब इसे बर्नर फ्लैम से तब तक हीट करें जब तक मटेरियल खत्म ना हो जाए। मटेरियल खत्म होने के बाद इसमें 0.1 ग्राम का टुकड़ा नजर आएगा, जो गोल्ड है। इसे पानी में डालकर ठंड़ा कर लें।

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