उन्नाव गैंगरेप मामले में योगी सरकार को मानवाधिकार आयोग की नोटिस

लखनऊ। उन्नाव गैंगरेप मामले में अब मानवाधिकार आयोग ने योगी सरकार को नोटिस भेजा है। यह नोटिस हिरासत के दौरान न्यायायिक हिरासत में पीड़िता के पिता की मौत पर भेजा है। पीड़ित लड़की का आरोप है कि उसके पिता की हत्या आरोपी विधायक के इशारे पर की गई है।

गैंगरेप

आपको बता दें कि उन्नाव की रहने वाली एक युवती ने कुलदीप सिंह सेंगर पर गैंगरेप और अपने पिता को मरवाने का आरोप लगाया है। विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर गुंडागर्दी और गैंगरेप का आरोप लगाते हुए रविवार को पीड़िता का पूरा परिवार लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गया। इस दौरान पीड़िता ने आत्मदाह करने की कोशिश भी की।

इस बीच पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए पीड़िता के पिता की सोमवार को मौत हो गई। पीड़िता का आरोप है कि पिछले साल 4 जून को कुलदीप सिंह सेंगर और उसके कुछ गुर्गों ने उसके साथ गैंगरेप किया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि उसने पुलिस से इसका शिकायत की लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई। यहां तक कि दर्ज कराई गई प्राथमिकी में से विधायक कुलदीप सिंह का नाम तक हटा दिया गया।

अब यह मामला काफी गरमाता जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर इसकी जांच की मांग गई है। वहीँ सरकार ने इसकी जांच के लिए एसआईटी की टीम गठित की है। जांच टीम इस मामले में अब आरोपी विधायक से भी पूछताछ करेगी।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दिलीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। वहीँ सी मामले में योगी सरकार विपक्ष के निशाने पर आगई है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा कि ‘बेटी बचाओ, खुद मारे जाओ’ का मामला है। एक युवती भाजपा MLA पर बलात्कार का आरोप लगाती है| MLA को गिरफ्तार करने के बजाय पुलिस युवती के पिता को हिरासत में ले लेती है| उसके तुरंत बाद पुलिस कस्टडी में उनकी मृत्यु हो जाती है| वहीँ आरोपी भाजपा विधायक अभी भी खुले घूम रहे है।

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