”भगवान के रूप” के मंदिर जाने पर ”इंसानों” ने लगाया 25000 का जुर्माना

बेंगलुरु : यह तो बड़े बुजुर्गों से सभी ने सुना है कि बच्चे भगवान का रूप होते हैं लेकिन हाल ही में एक मामला सामने आया जिसमें एक बच्चे के मंदिर जाने पर उसके परिवार पर जुर्माना लगा दिया गया। मामला कर्नाटक में कोप्पल जिले के मियापुर गांव का है जहाँ हनुमान मंदिर के शुद्धिकरण के लिए एक दलित परिवार से जुर्माने के रूप में 25000 रुपये मांगे गए।

25000 जुर्माना मांगने वाले हुए गिरफ्तार

जुर्माना मांगने के आरोप में पुजारी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस कड़ी में पुलिस अधीक्षक टी श्रीधर ने बुधवार को पीटीआई को बताया कि हमने इस मामले के संबंध में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारी ने बताया कि यह घटना चार सितंबर की है और इसका पता सोमवार को तब चला जब एक मामला दर्ज कराया गया। चेन्नादासर समुदाय से ताल्लुक रखने वाला चंद्रशेखर चार सितंबर को अपने दो साल के बेटे के जन्मदिन पर उसके लिए भगवान हनुमान का आशीर्वाद लेना चाहता था।

अधिकारी ने बताया कि चंद्रशेखर और उसके परिवार के सदस्य बाहर खड़े थे, लेकिन बच्चा मंदिर में चला गया जिससे मंदिर का पुजारी नाराज हो गया और उसने इसे एक मुद्दा बना लिया। जिसके बाद मंदिर के शुद्धिकरण के  लिए 25,000 रुपये मांगे।

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