‘मैं Allopathy और Doctors के खिलाफ नहीं, बस Drug माफियाओं से मेरी लड़ाई’

नई दिल्ली: बाबा रामदेव का Allopathy और डॉक्टरों को लेकर विवाद में आया बयान देश के डोक्टरों के लिए बेहद नकारात्मत प्रभाव डालने वाला था. जिसके बाद से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन IMA और बाबा रामदेव अब तक आमने सामने हैं. इस बीच तमाम विवादों पर रामदेव ने कहा कि यदि एलोपैथी में सर्जरी व लाइफ सेविंग ड्रग्स हैं तो शेष 98% बीमारियों का योग-आयुर्वेद में स्थायी समाधान है, हम इंटीग्रेटेड पैथी के पक्ष में है.

बाबा रामदेव ने एक न्यूज़ चैनल पर बातचीत करते हुए साफ़ तौर पर कहा की योगा आयुर्वेद को स्यूडो-साईंस और अल्टरनेटिव थैरेपी कहकर मजाक उड़ाना व नीचा दिखाने की मानसिकता को देश बर्दाश्त नही करेगा. हमारा अभियान Allopathy व श्रेष्ठ डाक्टर्स के खिलाफ नहीं है हम इनका सम्मान करते हैं, उन Drug माफियाओं के खिलाफ है जो 2 रुपये की दवाई को 2000 रुपये तक बेचते हैं‌ और गैर जरूरी आपरेशन व टेस्ट तथा अनावश्यक दवा का धंधा करते हैं. हम इस विवाद को खत्म करना चाहते हैं. बाबा ने कहा कि वह IMA के खिलाफ नहीं है. IMA को अपनी राजनीति चलानी है, डॉक्‍टरों के बीच नेतागिरी करनी है तो उनके साथ लड़ाई का कोई सवाल ही नहीं है. IMA को वह गंभीरता से नहीं लेते.

वॉट्सऐप मैसेज को पढ़ा था, मेरा बयान नहीं था’

योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि, ‘मैं किसी विवाद को आगे तक नहीं बढ़ाना चाहता. उन्होंने कहा वप मॉडर्न मेडिकल साइंस का बहुत सम्‍मान करते हैं. उन्‍होंने कहा Allopathy ने लाइफ सेविंग ड्रग्‍स दिए हैं और एडवांस सर्जरी की है. लेकिन 98 फीसदी बीमारियां चाहें वह बीपी हो, शुगर, थाइराइड, अर्थराइटिस हो या फिर फैटी लिवर, इनका इलाज हम योग, आयुर्वेद और नेचुरोपैथी से कर सकते हैं.’ बाबा ने एक बार फिर कहा कि Allopathy पर उनके जिस बयान पर विवाद हुआ, वह उनका नहीं था, उन्‍होंने वॉटसऐप पर आए एक मैसेज को पढ़ा था.

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