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‘मैंने ऐसा Prime Minister नहीं देखा जो बोलते समय सभी सीमाओं को लांघ जाता है’

पश्चिम बंगाल के दम दम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बोला, मैंने ऐसा प्रधानमंत्री नहीं देखा जो बोलते समय सभी सीमाओं को लांघ जाता है

कोलकाता: पश्चिम बंगाल (West Bengal)विधानसभा चुनाव में जीते के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) पार्टी के बीच कांटे की टक्कर है। पक्ष और विपक्ष के लोग एक-दूसरे पर सियासी हमला करने में लगे हुए है। इसी बीच बंगाल के दम दम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) ने बोला कि मैंने ऐसा प्रधानमंत्री नहीं देखा जो बोलते समय सभी सीमाओं को लांघ जाता है।

पश्चिम बंगाल के राज्य के उत्तर 24 परगना जिले में स्थित शहर दम दम (Dum Dum)में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि, मैं चुनाव आयोग से हाथ जोड़कर निवेदन करती हूं कि सिर्फ भाजपा की न सुनें, सभी की सुनें, पक्षपाती न बनें। मैं वास्तव में दुखी और शर्मिंदा हूं। मैंने ऐसा प्रधानमंत्री नहीं देखा जो बोलते समय सभी सीमाओं को लांघ जाता है। मैंने सभी धर्म के लोगों के लिए काम किया है। मैंने क्या नहीं किया है? अब एक ही चीज रह गई है, ‘भाजपा हटाओ देश बचाओ’। लेफ्ट और कांग्रेस भाजपा के एजेंट हैं।

बंगाल में विधानसभा चुनावों का मतदान 8 चरणों में हो रहा है। जिसके चौथे चरण तक का वोटिंग संपन्न हो चुका है। पांचवें चरण का मतदान 17 अप्रैल को होगा।

PM मोदी ने कसा तंज

पश्चिम बंगाल के नादिया (Nadia) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए बोला कि, दीदी, आधे चुनावों ने ही TMC का पूरा साफ होना तय कर दिया है। दीदी के नेता खुलेआम बंगाल के SC, ST और OBC वर्ग को गालियां देने लगे हैं। यह सिर्फ इसलिए क्योंकि वे बीजेपी का समर्थन करते हैं। दीदी आप उनको डराओगी,धमकाओगी लेकिन मोदी के लिए उनका स्नेह कम नहीं होगा।

दीदी की साजिश है SC, ST और OBC को वोट नहीं डालने दिया जाए और गुंडों से छप्पा वोट डलवाना। खुलेआम कहा जा रहा है कि TMC के लोग केंद्रीय वाहिनी का घेराव करेंगे और दीदी के समर्थक छप्पा वोट डालेंगे। चर्चा है कि कूचबिहार में जो हुआ वो दीदी के इसी छप्पा वोट मास्टरप्लान का हिस्सा था। कुछ दिन पहले मैं बांग्लादेश गया था। मुझे वहां मतुआ समुदाय के एक साथी मिले। जिन्होंने कहा कि मैं भारत का पहला प्रधानमंत्री हूं जो ओराकांडी में हरिचंद ठाकुर का आशिर्वाद लेने पहुंचा। हैरानी की बात है कि दीदी को मेरा ओराकांडी जाना पसंद नहीं आया। दीदी ने इस पर भी सवाल खड़े कर दिए।

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