माँ थाने में जाकर बोली मैंने अपनी बेटी को मार डाला, चेहरे पर कोई पछतावा नही 

नई दिल्ली: माँ ने अपनी नाबालिग बेटी की हत्या के मामले में थाने में बैठी वही आरोपी मां के चेहरे पर कोई अफसोस नहीं नजर आया। पुलिस की पूछताछ में महिला बार-बार यही कह रही थी कि हां मैने बेटी की हत्या की है। बेटी कहना नहीं मानती थी, इसलिए घर अक्सर झगड़ा होता था। तीन दिन पूर्व ही लोनी बार्डर क्षेत्र की एक कालोनी में रहने आई यह महिला दिल्ली की फैक्ट्री में मजदूरी कर परिवार को पेट पालती थी। पति की 2012 में ही बीमारी के चलते मौत हो गई थी।आरोपी महिला ने बताया कि उसने खुद अपने हाथ से बेटी का गला दबाया है। इसके बाद बेटे की मदद से शव को बोरे में भरा था। सुनसान स्थान पर शव को ठिकाने लगाने के लिए स्कूटी पर रखकर ले जाने के लिए निकले थे। महिला का कहना है कि वह बार-बार होने वाले झगड़े से तंग आ चुकी थी।
गलत संगत में थी मेरी बेटी, स्कुल नही जाती थी 
मां ने पुलिस को बताया कि बेटी (15) के कहना नहीं मानने और उसकी गलत संगति होने से सब परेशान थे। विवाद के चलते महिला ने करीब तीन माह में नौ मकान बदले थे। हाल में ही महिला बेटी को अकेला छोड़कर बेटे के साथ लोनी बार्डर की कालोनी में किराए पर रहने लगी थी। बेटी को इसकी जानकारी नहीं थी। वह मां और भाई को ढूंढती हुई बुधवार सुबह इस कालोनी में पहुंची थी।

भाई बोला घर में मैं रहूंगा या बहन

बेटी के घर के लौटने पर फिर से विवाद हुआ। बृहस्पतिवार को विवाद के दौरान भाई बोला कि या तो वह घर में रहेगा या बहन। यह कहकर भाई घर से रेलवे लाइन पर सुसाइड करने के लिए निकल गया। उसकी मां और पड़ोस में रहने वाले लोग उसे मनाकर घर लाए। इसके बाद महिला ने रुमाल से गला दबाकर बेटी को मौत के घाट उतार दिया।

बोरे से निकले पैरों ने खोल दिया जुर्म
बेटी के शव को बोरे में छिपाकर स्कूटी के आगे रखा था। पड़ोसियों ने बोरे से पैर बाहर निकला देखा तो उन्हें रोका। महिला ने वहीं लोगों से कहा कि उन्होंने बेटी को मारा है। इस पर लोगों ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। करीब 10 मिनट में पुलिस पहुंच गई। इसके बाद दोनों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जिसने भी सुना, रह गया दंग

मां और बेटी का रिश्ता सबसे संवेदनशील और नजदीक का होता है। मां द्वारा गला दबाकर हत्या करने की बात जिसे भी पता चली, उसे विश्वास नहीं हो रहा था। हर कोई यह जानना चाहता था कि आखिर ऐसा क्यों हुआ।पड़ोसी चांद मोहम्मद की तहरीर पर पुलिस ने महिला और उसके बेटे के खिलाफ हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई है। नाबालिग होने के कारण बेटे को बाल सुधार गृह भेजा जाएगा। 
आन की खातिर अपनों का कत्ल किया 
परिवार के बड़ों को लगता है कि बच्चे उनके बनाए गए आदर्शों पर चले। पश्चिमी सभ्यता के रीतिरिवाजों की अभी भी परिवार और रिश्तों में जगह नहीं दी गई है। बच्चे से कोई गलती होती है तो परिवार को अपनी प्रतिष्ठा और सम्मान का खतरा लगता है। ऐसे में अपना सामाजिक सम्मान बनाए रखने के लिए माता-पिता इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते हैं।

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