बीजेपी जीती, तो हो सकता है बड़ा उलटफेर..संकट में कर्नाटक और मध्यप्रदेश सरकार

0

लोकसभा चुनावों के सात चरण पूरे हो चुके हैं। अब 23 मई को जनता के सामने इन चुनावों के नतीजे आएंगे। पर इन नतीजों से पहले कई न्यूज एजेंसियों ने जो एग्जिट पोल जनता के सामने रखे हैं। उससे एक बार फिर देश में मोदी लहर आती दिख रही है। एग्जिट पोल की मानें तो इस बार बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिलता दिखाई दे रहा है। और 300 से अधिक सीटें बीजेपी को जाती दिख रही हैं। लेकिन इस एग्जिट पोल से एमपी और कर्नाटक की सियासत में खासी खलबली मची हुई है। कर्नाटक में जनता दल सेक्युलर और कांग्रेस की सरकार पर तलवार लटक रही है। इस बीच सीएम एचडी कुमारस्वामी में अपनी दिल्ली की यात्रा को भी रद्द कर दिया है। जबकि कांग्रेसी नेता रोशन बेग ने पार्टी के खिलाफ अपने बगावत करनी शुरू कर दी है। रोशन बेग ने कर्नाटक कांग्रेस प्रभारी के.सी वेणुगोपाल को भैंसा कह दिया है।

कांग्रेसी नेता ने अपनी ही पार्टी पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता रोशन बेग ने अपनी ही पार्टी का विरोध करते हुआ कहा कि, “राहुल गांधी पर मुझे बहुत तरस आ रहा है। वो बोले कि, एग्जिट पोल के नतीजे तो सिर्फ वेणुगोपाल और सिद्धारमैया के घंमड का तोड़ है”।

सिद्धारमैया नहीं चाहते ज्यादा दिन चले सरकार
कांग्रेस नेता ने पूर्व सीएम सिद्धारमैया पर हमला करते हुए कहा कि, “वो तो खुद ही नहीं चाहते कि उनकी सरकार ज्यादा वक्त तक कायम रहे। बेग बोले कि, सिद्धारमैया सीएम के पद पर कुमारस्वामी को देखना नहीं चाहते। उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि, पार्टी कुमारस्वामी को काम नहीं करने देती”।

आपको बता दें, कर्नाटक में 225 विधानसभा सीटें हैं। जिसमें से बीजेपी के पास 104 सीटें, जेडीएस के पास 37 और कांग्रेस पार्टी के पास 78 सीटें हैँ। यहां सरकार बनाने के लिए 112 सीटों की जरूरत है।

एमपी में कमलनाथ पर लटकी तलवार
लोकसभा चुनावों के दौरान जो राजनीतिक दलों का मिजाज था। वो एग्जिट पोल के बाद पूरी तरह बदल गया है। या कहें कि सारे दलों को एक बड़ा झटका लगा है। इसमें मध्यप्रदेश की भी सियासी हलचल पर प्रभाव पड़ा है। कारण है कमलनाथ की सरकार पर खतरा मंडराना। क्योंकि बीजेपी ने राज्यपाल को एक पत्र लिखा है। इसके बाद से एमपी सीएम कमलनाथ बहुमत मिलने की बात कहते दिखाई दे रहे हैं।

बताते चलें कि, एमपी में इस समय कांग्रेस की सरकार है। जो निर्दलीय और सपा-बसपा के विधायकों से मिले समर्थन की वजह से बनी है। हालांकि जब विधानसभा चुनाव हुए थे तब भी कांग्रेस बहुमत मिलने से पीछे रह गई थी। तब कांग्रेस को बहुमत के लिए 5 सीटों की कमी थी। एमपी में कुल 231 विधानसभा सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए 116 विधायकों की आवश्यकता है। फिलहाल पार्टी को राज्य में समर्थन सिर्फ निर्दलीय और सपा-बसपा के विधायकों का ही है।

अब सबसे ज्यादा इस बात का इन दोनों राज्यों पर असर पड़ा है कि, अगर एग्जिट पोल के मुताबिक नतीजे आए तो दोनों राज्यों की सरकारों पर असर पड़ेगा। क्योंकि बीजेपी इन दोनों राज्यों में बहुमत के साथ सरकार बनाती दिख रही है। जिस कारण कर्नाटक और एमपी सरकार पूरी तरह घबराई हुई है।

शेयर करें