हरियाणा 72 घंटे से ज्यादा रुकना है तो करवाना होगा पंजीकरण, कहां और किससे मिलना, ये भी होगा बताना

नई दिल्ली:अब हरियाणा में तीन दिन से अधिक रुकने के लिए कराना होगा पंजीकरण। यह पंजीकरण सरल पोर्टल पर उपलब्ध होगा। बता दे .की इसके साथ ही पूर्व की भांति आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना भी अनिवार्य रहेगा। सरकार ने यह फैसला राज्य में कोरोनावायरस बढ़ते संक्रमण को देखते हुए लिया है। पंजीकरण के लिए पोर्टल पर अपना नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। परिवार के अलावा कई पंजीकरणों के लिए एक ही मोबाइल नंबर के प्रयोग की अनुमति नहीं होगी।कारोबारी आगंतुकों को अपना विवरण देना होगा और वापसी की तिथि बतानी होगी। इसके अलावा, उन्हें प्रदेश में उन लोगों का नाम, मोबाइल नंबर और पता भी दर्ज करवाना होगा, जिससे वे मिलना चाहते हैं। प्रदेश में आने वाले आगंतुक अपने रिश्तेदारों और दोस्तों आदि के पास रुक सकते हैं। ऐसी स्थिति में आगंतुकों की मेजबानी करने वाले व्यक्ति को तत्काल उनके पहुंचने वाले दिन ही पोर्टल पर उनका विवरण दर्ज करवाना होगा।

एंट्री चेक पोस्ट का भी उल्लेख करना होगा
होटलों, अतिथि गृहों, कारपोरेट गेस्ट हाउस, सरकारी विश्राम गृहों और धर्मशालाओं आदि के प्रबंधन द्वारा बाहर से आकर उनके पास ठहरने वाले आगंतुकों का विवरण उनके पहुंचने के बाद तुरंत पोर्टल पर दर्ज करना होगा। पारगमन यात्रियों (ट्रांजिट ट्रैवलर्स) को वह पता मुहैया करवाना होगा, जहां वे ठहरना चाहते हैं और हरियाणा में एंट्री चेक पोस्ट का उल्लेख करना होगा।
उन्हें अपनी और परिवार के सदस्यों की कोविड हिस्ट्री, यदि कोई है, का विवरण देना होगा। पंजीकरण की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें आईडी नंबर मिलेगा, जिसका इस्तेमाल आवश्यकता पड़ने पर पंजीकरण प्रमाण के तौर पर किया जा सकता है। हरियाणा में प्रवेश करने वाले व्यक्ति द्वारा कम्पेटिबल मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु एप इंस्टाल करने और इस पर अपना हेल्थ स्टेटस अपडेट करने का प्रमाण दिखाना होगा।

एंट्री प्वाइंट पर स्वास्थ्य चेकअप होगा
ऐसे लोगों की बॉर्डर चेक-पोस्ट, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर स्वास्थ्य जांच की जाएगी। इसके अलावा, जिला, शहर या गांव, जैसा भी मामला हो, जहां वह व्यक्ति जाना चाहता है, के प्रवेश बिंदु पर भी इसी तरह स्वास्थ्य जांच की जाएगी। यदि किसी राज्य से आने वाले व्यक्ति में कोविड-19 के लक्षण पाए जाते हैं तो उसे नजदीकी स्वास्थ्य सुविधा पर रिपोर्ट करना होगा और चिकित्सीय गंभीरता का आकलन करवाना होगा। यदि जांच के बाद वह पॉजिटिव पाया जाता है तो उसे मामले की गंभीरता के आधार पर होम आइसोलेशन, कोविड केयर सेंटर या समर्पित कोविड अस्पताल भेज दिया जाएगा। यदि वह निगेटिव पाया जाता है तो आगे किसी भी तरह की जांच या सेल्फ आसोलेशन की आवश्यकता नहीं होगी।

 

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