अगर कुंडली में कालसर्प दोष, तो अपनाएं यह उपाए

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नई दिल्ली। कल यानि की 15 अगस्त को हम सब आज़ादी के दिन के साथ साथ श्रवण शुक्ल पक्ष की नाग पंचमी भी मनाएंगे। जिनके कुंडली में कालसर्प दोष है उन्हें अभी से शिव की पूजा में लग जाना चाहिए। जिस व्यक्ति के कुंडली में कालसर्प दोष है, उससे अपने जीवन में बहुत सारी दीकतों का सामना करना पड़ सकता है जैसे विवाह में अड़चन या दांपत्य जीवन में कलह, विद्या में बाधा, रोग चोट से परेशान रहना, आर्थिक तंगी, संतान को कष्ट आदि।

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार अगर किसी जातक की कुंडली में ग्रह राहु और केतु के बीच में आ जाएं तो काल सर्प योग बनता है। कुंडली में काल सर्प दोष को बहुत ही अशुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि अगर किसी व्यक्ति ने अपने पूर्व जन्म में कोई भी बुरा काम किया हो जैसे की सांप या किसी भी निर्दोष जीव को मारा हो तो उसके अगले जन्म में दंड के रूप में उसकी कुंडली में काल सर्प योग बन जाता है।

ऐसा भी माना जाता है कि अगर किसी मनुष्य के पिछले जन्म की कोई इच्छा अधूरी रह जाती है तो उसके अगले जन्म में उसकी इसी इच्छा की पूर्ति के लिए उसकी कुंडली में काल सर्प दोष का योग बन जाता है। कालसर्प दोष मुख्य रूप से 12 प्रकार का होता है, इसका निर्धारण जन्म कुंडली देखकर ही किया जा सकता है। प्रत्येक कालसर्प दोष के निवारण के लिए अलग-अलग उपाय हैं, अगर आप यह जानते है की आपके के कुंडली में कौन सा कालसर्प दोष है तो आप इसका उपाए सही तरीके से कर सकेंगे।

कालसर्प योग क्या है ?
– कालसर्प योग अक्सर कुंडलियों में पाया जाता है।
– 12 तरह के कालसर्प योग होते हैं।
– कुंडली से पता चलता है कि कौन सा कालसर्प योग है।
– राहु केतु के बीच सारे ग्रह आ जाएं तो कालसर्प योग बनता है जिससे जीवन – – सफल नहीं होता है।
– बार-बार बहुत कष्ट आते रहते हैं।

कालसर्प योग के लक्षण-
– भाग्य काम नहीं करता है।
– हर बार धोखा हो जाता है।
– हर तरह से परेशानी आती है।
– बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाते हैं।
– बच्चे परीक्षा में बार-बार फेल होते हैं।
– नौकरी और कारोबार नहीं चलता है।
– इंसान कर्ज़ों से बाहर नहीं निकल पाते हैं।
– विवाह नहीं होता है या विवाह के बाद बहुत क्लेश होता है।
– संतान नहीं होती है बच्चों में कोई ना कोई कमी होती है।
– मकान का सुख नहीं मिलता है।
– कितनी भी मेहनत करें लेकिन सफलता नहीं मिलती है।
– सभी से झगड़ें होते हैं।

कालसर्प निवारण के उपाय
– अनामिका अंगुली में सोना, चांदी और तांबा से मिली धातु की सर्प की अंगूठी     शनिवार को धारण करें।
– चौखट पर चांदी स्वास्तिक लगाएं।
– दाम्पत्य जीवन में ज्यादा क्लेश हो तो किसी शनिवार को दोबारा सात फेरे      लगाकर शादी करें।

कालसर्प निवारण की पूजा कैसे करवाएं
– 15 अगस्त बुधवार को नाग पंचमी है।
– प्राचीन शिव मंदिर या गंगा, यमुना, गोदावरी, नर्मदा, कावेरी नदी किनारे       काल सर्प निवारण पूजा करवाएं।
– नदी किनारे कोई शिव मंदिर हो तो अति उत्तम होगा पूजा वहीं पर करवाएं।
– पूजा में काले और नीले रंग के कपड़ें ना पहनें।
– शिव परिवार और नाग-नागिन की पूजा करें।
– शिव जी का रुद्राभिषेक करें और हवन करें।
– नाग नागिन जल में प्रवाहित करें।
– कालसर्प पूजा नसिक, ऋषिकेश और इंदौर में भी होती है।

 

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