किसानों की हुंकार, कानून रद्द नहीं हुए तो रेलवे ट्रैक भी करेंगे बंद

किसान नेता दर्शन पाल ने कहा कि तीनों कृषि कानून पूरी तरह से गलत है तथा इनका किसान हितों से कोई सरोकार नहीं है। यह सिर्फ उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए लागू किए गए हैं।

सोनीपत: हरियाणा में सोनीपत के कुंडली बॉर्डर पर धरनारत किसान संगठनों की समन्वय समिति ने गुरुवार को सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो रेलवे ट्रैक को भी बंद कर देंगे।

कुंडली बॉर्डर पर किसान संगठनों की समन्वय समिति की ओर से आज आयोजित कांफ्रेंस में कहा गया कि सरकार उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं है तथा टाल- मटोल का रवैया अपनाए हुए है। किसान अब हाईवे के अलावा रेलवे ट्रैक को भी बंद करेंगे।

किसान नेता दर्शन पाल ने कहा कि तीनों कृषि कानून पूरी तरह से गलत है तथा इनका किसान हितों से कोई सरोकार नहीं है। यह सिर्फ उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए लागू किए गए हैं। केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कृषि सेक्टर में निजीकरण का कानून लाने की क्या जरूरत थी। यह कानून क्यों लाया गया, किसने इसकी मांग की थी।

प्रेस कांफ्रेंस में कहा गया कि मोदी सरकार हिटलर जैसा बर्ताव कर रही है। सरकार हमें ठंड से न डराए, क्योंकि हम किसान हैं। किसान किसी राजनीतिक दल से सरंक्षण नहीं लेती और न ही किसी राजनीतिक पार्टी के साथ मंच शेयर करते हैं।

प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि अभी भी समय है सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करे और तीनों कृषि कानूनों को तत्काल प्रभाव से रद्द करे अन्यथा धीरे-धीरे देश भर के किसान दिल्ली के चारों ओर हाईवे व टोल नाकों पर आकर बैठ जाएंगे जिससे आम आदमी की परेशानी बढ़ेगी जिसके लिए पूरी तरह से केंद्र सरकार जिम्मेदार होगी।

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