किराएदार से है परेशान तो योगी सरकार करेगी समाधान, अब बनेगा नया कानून

उत्तर प्रदेश में अब किराएदार और माकन मालिक के बीच रोज होने वाली खिट-खिट को दूर करने के लिए योगी सरकार नया कानून बनाने जा रही है। इस कानून के बाद किराएदार और माकन मालिक की मनमानी नहीं चलेगी

लखनऊ: किराएदार और मकान मालिक के बीच आप सभी ने हमेशा देखा होगा किसी न किसी मामले को लेकर बहस और बवाल हुआ करते है यहां तक के कई बार झगड़े और हत्या की खबर आती है। इसी को लेकर उत्तर प्रदेश में अब किराएदार और मकान मालिक के बीच रोज होने वाली खिट-खिट को दूर करने के लिए योगी सरकार नया कानून बनाने जा रही है। इस कानून के बाद किराएदार और मकान मालिक की मनमानी नहीं चलेगी, प्रदेश में जल्द ही बिना एग्रीमेंट के कोई भी मकान मालिक किराएदार नहीं रख सकेगा।

कानून लागू किये जाने के बाद किराएदार को रहने के साथ किराए के बारे में जानकारी देनी होगी, कभी भी आप किराया नहीं बढ़ा सकेंगे नियम के आधार पर बढ़ाया जायेगा। किराएदार और मकान मालिक के बीच होने वाले मामले को निपटाने के लिए व दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार कानून बनाने जा रही है। इस कानून के बाद से होने वाले विवाद पर कई हद्द तक लगाम लगेगी।

किराएदारों की ये जिम्मेदारी

योगी सरकार अब उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किराएदारी विनियमन अध्यादेश लाने जा रही है। आवास विभाग ने इसका मसौदा तैयार कर लिया है, जल्द इसे कैबिनेट से मंजूरी दिलाने की तैयारी है। नियमों के तहत आवासीय पर 5% और गैर-आवासीय पर 7% सालाना किराया बढ़ाया जा सकेगा। किराएदारों की भी कुछ जिम्मेदारी निभानी पड़ेगी इनके लिए भी नियम तैयार किये गए है। किराएदार के लिए नियम होगा कि उसे रहने वाले किराए की जगह की देखभाल करनी होगी और किराएदार घर में बिना पूछे तोड़फोड़ भी नहीं कर पाएगा। दो महीने तक किराया नहीं दिया तो मकान मालिक किराएदार को हटा सकेगा। नए कानून के तहत किराएदारी के संबंध में मकान मालिकों को तीन माह के अंदर लिखित अनुबंध पत्र किराया प्राधिकारी को देना होगा।

इन किराएदार पर नहीं लागू होगा कानून

आवास विभाग ने इसका मसौदा तैयार कर लिया है। अब इसे जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी दिलाने की तैयारी है। केंद्र, राज्य, केंद्र शासित प्रदेश, भारत सरकार के उपक्रम, स्थानीय निकाय, छावनी परिषद, कंपनी, विश्वविद्यालय या किसी संगठन में सेवा अनुबंध के रूप में कर्मचारियों को किराए पर दिए गए आवास, धार्मिक संस्थान, लोक न्याय अधिनियम के तहत पंजीकृत ट्रस्ट, वक्फ के स्वामित्व वाले परिसर में यह कानून लागू नहीं होगा।

ये होंगे किराएदारी कानून

बिना लिखित एग्रीमेंट के नहीं रखे जा सकेंगे किराएदार

एग्रिमेंट की जानकारी देने की जिम्मेदारी मकान मालिक और किराएदार दोनों की

प्रधिकरण से मिलेगा युनीक आईडेंटीफिकेशन नंबर

सूचना देने के 7 दिन के अंदर जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी

12 महीने से कम के आवासीय परिसर की किराएदारी की सूचना देना जरूरी नहीं

एग्रिमेंट की शर्तों के मुताबिक समय से देना होगा किराया

मकान मालिक और किराएदार दोनों के पास होगी एग्रिमेंट की मूल काॅपी

एग्रिमेंट में तय पीरियड में किराएदारी से बेदखल नहीं कर पाएंगे मकान मालिक

समय पर किराया देना होगा, किराएदारी की रसीद देना जरूरी

किराएदारी की अवधि और नवीनीकरण मकान मालिक और किराएदार करेंगे

मृत्यु की स्थिति में एग्रिमेंट की शर्तें दोनों के उत्तराधिकारियों पर लागू होंगी

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