अगर आप भी HEALTH INSURANCE खरीदना चाहते है तो पढ़िए ‘नियम एवं शर्ते’

नई दिल्ली: आज के समय में हेल्थ पॉलिसी खरीदना हर किसी की जरूरत सी बन गई है। वहीं बहुत संभव है कि आप भी काफी समय से हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने की सोच रहे हों परन्तु अलग-अलग तरह की तमाम पॉलिसी होने की वजह से आप यह तय नहीं कर पा रहे हों कि कौन-सी पॉलिसी ली जानी चाहिए। ऐसे में हर कोई पॉलिसी से जुड़े ‘नियम एवं शर्तों’ को नहीं समझ पाता है। वहीं पॉलिसी खरीदने से पहले यह समझना जरूरी है कि कौन-सी पॉलिसी आपकी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है और कौन-सी चीजें हैं जिन्हें नजरंदाज किया जा सकता है।

वेटिंग पीरिएड
आपको हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय वेटिंग पीरिएड से जुड़े नियमों को अनिवार्य तौर पर समझ लेना चाहिए। वहीं यह ऐसी अवधि होती है, जिस दौरान आप अपने हेल्थ पॉलिसी का क्लेम फाइल नहीं कर सकते हैं। इसके साथ ही आम तौर पर तीन तरह के वेटिंग पीरिएड होते हैं। पॉलिसी लेने के पहले 30-90 दिन के भीतर अगर आपको अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है तो एक्सीडेंट छोड़कर अन्य मामलों में आपका क्लेम स्वीकार नहीं किया जाता है।

नो-क्लेम बोनस (NCB)
यदि आप किसी तरह का क्लेम नहीं करते हैं तो कंपनियां आपको नो-क्लेम बोनस देती हैं। आम तौर पर अगर आप किसी साल में अधिकतम 50 फीसद तक ही क्लेम करती हैं तो कंपनियां आपके इंश्योरेंस कवर की राशि में पांच फीसद तक का इजाफा कर देती हैं।

फ्री-लुक पीरियड
अगर आपने किसी की सलाह पर Health Insurance Policy खरीद ली है और बाद में आपको लगता है कि पॉलिसी के नियम एवं शर्तें आपकी जरूरतों के अनुरूप नहीं है तो आप परेशान हो जाएंगे। यहां पर फ्री-लुक पीरियड काम आता है।

को-पेमेंट
कई तरह की पॉलिसीज को-पेमेंट क्लॉज के साथ आती हैं। इस राशि का भुगतान आपको खुद करना होगा।

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