अगर निकलना है बुरी यादों से बाहर तो, अपनाएं ये तरीके….

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हम सभी की जिंदगी में दो तरह की यादें होती हैं अच्छी और बुरी यादें, अच्छी यादों को तो हम सोच-सोच कर खुश हो जाते हैं। वही बुरी यादें हमारा पीछा नहीं छोड़ती हैं। न चाहते हुए भी हम उन यादों के बारे में सोचकर अपने आप को दुख पहुचाते रहते हैं, और आगे चलकर हम बीमारियों के चपेट में आ जाते है, तो आइए जानते हैं बुरी यादों से बाहर निकलने के तरीके… हालांकि अगर हम बार-बार उन पुरानी यादों को दिमाग में दोहराएंगे तो दिमाग के लिए नयी यादें बनाना उतना ही मुश्किल हो जाएगा।जैसे कि आपको अपने बगीचे को सुंदर बनाए रखने के लिए पौधों की कटाई-छटाई करनी पड़ती है वैसे ही दिमाग के साथ भी करना पड़ेगा दिमाग में भी ग्लियाल कोशिकाएं होती हैं जो आपके सिस्टम से खराब या कड़वी यादों को हटाती जाती हैं और दिमाग के किसी कोने में फेंकती रहती है।

दरअसल, खुद को बिजी रखना एक और जरूरी चीज है। दिन में करीब 6-7 घंटे तक काम करने के बाद आपका दिमाग इतना थक जाता है कि वह फालतू की चीजों के बारे में सोच ही नहीं पाता काम करना औऱ खुद को व्यस्त रखना आपके दिमाग को नई यादें बनाने में मदद करता है और इस तरह पुरानी यादें खत्म होती जाती हैं।

इसके साथ ही अगर आपने आराम कर लिया है तो आपकी ग्लियाल सेल्स अच्छी और बुरी मेमोरी में फर्क कर पाएंगी और खराब यादों को सिस्टम से बाहर फेंक देंगी यही नहीं, आपके दिमाग में खुद पूरी क्लीनिंग प्रोसेस हो जाती है। जब आप सोते हैं तो दिमाग की कोशिकाएं करीब 60 फीसदी तक सिकुड़ जाती हैं ताकि ग्लियाल कोशिकाओं के लिए स्पेस बन सके और आपके दिमाग का कूड़ा बाहर निकाला जा सके।

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