यहां नजर आया भोलेनाथ की आरती और अल्लाह हुअकबर की सदाओं का अनूठा संगम

लखनऊ: भारत धर्मनिरपेक्ष देश है जहां समाज में हिन्दू, मुस्लिम सिख ईसाई सभी आपसी भाईचारे के साथ रहते हैं। भले ही कुछ मौकों पर धार्मिक टकराव देखने को मिला हो लेकिन कुछ ऐसे दृश्य भी सामने आ चुके हैं जिसने आपसी सौहार्द भी मिसाल पेश की है। ऐसा ही एक दृश्य बीते रविवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित मनकामेश्वर मंदिर के पास देखने को मिला। यहां भगवान शिव की आरती और नमाज का एक अनूठा संगम सामने आया है।

मिली जानकारी के अनुसार, लखनऊ के प्रसिद्ध और पुराने शिव मंदिर के पास स्थित मनकामेश्वर घाट पर रविवार को इफ्तार का आयोजन किया गया। यह पहला मौका था जब हिन्दुओं के किसी धार्मिक स्थल पर इफ्तार का आयोजन किया गया हो। इस इफ्तार की तैयारी में मठ के लिए पिछले कई दिनों से लगे हुए थे।  मठ की तरफ से खजूर, फिंगर चिप्स, कटलेट्स, ब्रेड, पकौड़ा, मीठे खुरमे, फल इत्यादि का इंतजाम किया गया था।

मठ की ओर से आयोजित इस इफ्तार में हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी धर्म के लोगों ने हिस्सा लिया।  मनकामेश्वर उववन घाट को फूलों और रंगोली से सजाया गया था। गंगा-जमुनी तहजीब को आगे बढ़ाने वाली इस इफ्तार में रोजा खोलने से पहले दोनों ही समुदाय के लोगों ने अमन-चैन की दुआ भी मांगी। इफ्तारी के दौरान मंदिर के पुजारी रोजदारों को प्रेम पूर्वक इफ्तारी परोसते नजर आए। इफ्तार के बाद रोजदारों ने घाट पर मगरिब की नमाज भी अदा की। सभी धर्मों के लोगों ने एक-दूसरे के गले लगाकर बधाइयां भी दीं।

महंत देव्या गिरी ने कहा कि संपूर्ण विश्व को आपसी प्रेम और भाईचारा का संदेश देने की उनकी यह कोशिश आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा है कि आने वाले समय में भी ऐसे आयोजन किये जाएंगे। रोजा इफ्तार में ऐशबाग ईदगाह के नायाब इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली के साथ ही मौलाना सुफियान निजामी, नवाब मीर जाफर अब्दुल्लाह, समेत कई लोग मौजूद रहे।

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