IL&FS के बाद अब बड़े NBFC डूबने के कगार पर, आरबीआई ने दी चेतावनी

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को अपनी वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (FSR) के जून 2019 संस्करण में कहा कि बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFC) और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) पर अधिक निगरानी की आवश्यकता है.  आरबीआई ने आगाह किया कि किसी भी बड़े एनबीएफसी या एचएफसी के दिवालिया होने से उत्पन्न होने वाले किसी भी विवाद के परिणामस्वरूप बड़े बैंकों की तुलना में नुकसान हो सकता है.

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंकिंग क्षेत्र में सुधार के कारण भारत की वित्तीय प्रणाली स्थिर बनी हुई है, लेकिन कुछ गैर वित्तीय कंपनियों के डूबने की आशंका जताई है. एक बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (HFC) से खतरे की आशंका जताई गई है. वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में कहा गया है कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के हालिया दबाव अस्थिरता पैदा की है. HFC और NBFC सेक्टर कठिन दौर से गुजर रहे हैं.

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि केंद्रीय बैंक कुछ बड़े खिलाड़ियों पर कड़ी निगरानी रख रहा है, लेकिन इसने अभी तक कोई क्रेडिट लाइन नहीं बढ़ाई है. 31 मार्च 2019 को, RBI के साथ 9,659 NBFC पंजीकृत थे, जिनमें से 88 जमा स्वीकार कर रहे थे.

एनबीएफसी क्षेत्र के GNPAs 2018-19 में 6.6% से बढ़कर 2017-18 में 5.8% हो गया. हालांकि 2018-19 में शुद्ध एनपीए अनुपात मामूली घटकर 3.7% हो गया, जो 2017-18 में 3.8% था. मार्च 2019 तक, एनबीएफसी क्षेत्र का सीआरएआर मार्च 2018 में 22.8% से 19.3% हो गया.

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