यौन शोषण के मामलों में एक्टर ने कहा- इस्लाम की खिंची लाइन मिटाओगे तो यही होगा

मुंबई। पाकिस्तानी अभिनेता हमजा अली अब्बासी ने हाल ही में अपना पक्ष रखा है। उन्होंने यौन शोषण मामले में धर्म का तर्क रखते हुए एक बयान जारी किया है। जिसके बाद से लोगों ने अपनी अपनी प्रतिक्रियाएं देनी शुरु कर दी है। हाल ही में उन्होंने #meetoo को मेँशन करते हुए ट्विटर पर एक ट्वीट किया है। जो कि सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है।

अभिनेता ने कहा है कि ”आकस्मिक विचार: इस #MeToo ( इस हैशटैग का इस्तेमाल यौन उत्पीड़न के खिलाफ महिलाओं के आंदोलन के रूप में हो रहा है।) की वैश्विक महामारी के उदय के साथ, मैं यह अहसास करना शुरू कर रहा हूं कि दो लैंगिकताओं को इंगित करने वाला इस्लाम सही था। जिसे आधुनिकता कहा जाता है, वह हमें एक ऐसे बिंदु पर ले आई है जहां फ्लर्टिंग (डोरे डालना) और हरासमेंट (उत्पीड़न) के बीच की रेखा बेहद धुंधली हो गई है।

हमजा का कहना है कि मर्दों और औरतो का साथ उठना बैठना इन सब के लिए जिम्मेदार है। इस तथाकथित आधुनिकता के नाम पर ऐसा माहौल बना दिया गया है कि जहां फ्लर्ट और उत्पीड़न के बीच लाइन मिट गई है। जो महिला आज उत्पीड़न की बात कह रही है, वो पहले फ्लर्ट करने पर सहज थी।’ हमजा ने कहा कि कुरान के बताए रास्ते पर अगर हम चलेंगे तो इस तरह के मामलों का हमें सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही हमजा ने कहा कि वह गलत पर पर्दा नहीं डाल रहे बल्कि कुछ लोग इस चीज़ का नाजायज फायदा उठा रहे हैं वह बस उसके खिलाफ बोल रहे हैँ।

उनके इस ट्वीट पर लोगों ने मिलजुले रिप्लाई देने शुरु कर दिए है। जिसमें एक यूजर ने लिखा है – आपकी इस ट्वीट से यह मतलब निकल रहा है कि फ्लर्टिंग ठीक है.. आपको नहीं लगता कि फ्लर्टिंग हरासमेंट का ही एक रुप है। इसके बाद एक और यूजर उनके इस ट्वीट पर सवाल किया है कि क्या कुरान को ना मानने की वजह से लड़की का यौन उत्पीड़न हुआ है।

हमजा ने अपने यह ट्वीट मीशा के अली जफर पर लगाए गए यौन उत्पीड़न आरोप के बाद किया। हाल ही में मीशा ने अली जफर पर यह आरकोप लगाया था कि उन्होंने उनका शोषण किया और ये सब उनके साथ तब नहीं हुआ जब वो फिल्म इंडस्ट्री में अपना करियर बनाने की कोशिश कर रही थीं। बल्कि उनके साथ ये तब हुआ जब वो पूरी तरह से अपने पैरों पर खड़ी थीं और यहां तक कि मां बन चुकी थी।

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