55,669 गांवों में अभी भी मोबाइल पर बात करना है सपना

नई दिल्ली। यह खबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया प्रोजेक्‍ट को मुंह चिढ़ाती है। खुद केंद्र सरकार का कहना है कि देश के 55,669 गांवों में अभी भी मोबाइल टेलीफोन सेवाएं नहीं उपलब्ध नहीं हैं। संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने लोकसभा में यह हकीकत सामने रखी है।

लोकसभा में कुछ सदस्यों के पूरक प्रश्नों के उत्तर में संचार मंत्री ने कहा कि देश के 5,97,608 गांवों में से 5,41,939 गांवों में मोबाइल दूरसंचार सेवाएं हैं और 55,669 गांवों में अभी भी ये सेवा नहीं है। इस तरह 9.31 प्रतिशत गांव बिना मोबाइल दूरसंचार सेवाओं के हैं।

अभी ग्रामीण दूरसंचार सेवाओं का घनत्व 49.79 प्रतिशत और शहरी दूरसंचार घनत्व 152.36 प्रतिशत है। सरकार ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में दूरसंचार घनत्व के अंतर कम करने के लिए तेजी से काम आगे बढ़ाया है। राष्ट्रीय दूरसंचार नीति में 2017 तक ग्रामीण दूरसंचार घनत्व को 70 प्रतिशत और 2020 तक इसे 100 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।

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