लोकसभा में मोदी ने कई मुद्दों के साथ कांग्रेस पर साधा निशाना

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में एक घंटे 40 मिनट तक बात की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। पीएम ने अपने संबोधन के दौरान नागरिकता कानून, अनुच्छेद 370, राम मंदिर समेत कई मुद्दों पर बेबाकी से राय जाहिर की। वहीं कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों ने इस दौरान संसद में हंगामा भी किया लेकिन पीएम मोदी ने अपना संबोधन जारी रखा। उन्होंने राहुल गांधी के बुधवार को दिए गए भाषण पर भी तीखे व्यंग किए।

लोकसभा में मोदी जी ने कहा कि कांग्रेस की दिक्कत ये हैं कि वो बाते करती है, झूठे वादे करती है और दशकों तक उन वादों को टालती रहती है। आज हमारी सरकार अपने राष्ट्र निर्माताओं की भावनाओं पर चलते हुए फैसले ले रही है, तो इनकों दिक्कत हो रही है। इसके साथ ही मोदी ने कहा कि सीएए से हिंदुस्तान के किसी भी नागरिक पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला। चाहे वो मुस्लिम हो, हिंदू हो, सिख हो या अन्य किसी धर्म को मानने वाला हो।

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लोकसभा में पीएम मोदी ने नेहरु-लियाकत समझौता मुद्दा उठाया

इसी के साथ पीएम मोदी ने कहा कि 1950 में नेहरू-लियाकत समझौता हुआ, जो भारत-पाकिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यकों के संरक्षण के लिए हुआ। इस समझौते में धार्मिक अल्पसंख्यकों का जिक्र हुआ था। नेहरू जी इनते बड़े विचारक थे, फिर उन्होंने उस समय वहां के अल्पसंख्यकों की जगह, वहां के सारे नागरिक को समझौते में शामिल क्यों नहीं किया? जो बात हम आज बता रहे हैं, वही बात नेहरू जी की भी थी।

इन सब को साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पांच नवंबर 1950 को इसी संसद में नेहरू जी ने कहा था कि इसमें कोई संदेह नहीं हैं कि जो प्रभावित लोग भारत में बसने के लिए आये हैं, ये नागरिकता मिलने के अधिकारी हैं और अगर इसके लिए कानून अनुकूल नहीं हैं तो कानून में बदलाव किया जाना चाहिए। इतने दशकों के बाद भी पाकिस्तान की सोच नहीं बदली है, वहां आज भी अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हैं, इसका ताजा उदाहरण ननकाना साहिब में देखने को मिला। ये केवल हिंदू और सिखों के साथ नहीं बल्कि वहां रहने वाले अन्य अल्पसंख्यकों के साथ भी हो रहा है।

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