मुस्लिम समुदाय में बहुविवाह और निकाह हलाला के खिलाफ याचिका पर केंद्र से जवाब तलब

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नई दिल्ली| सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को मुस्लिम समुदाय में बहुविवाह और निकाह हलाला की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर केद्र सरकार से जवाब मांगा है। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि मामले की सुनवाई संविधान पीठ करेगी।

मुस्लिम समुदाय

न्यायालय ने निर्देश दिया है कि इस संबंध में मामले की सुनवाई प्रधान न्यायाधीश द्वारा उचित पीठ गठित करने के बाद की जाएगी। एक याचिकाकर्ता की ओर पेश वरिष्ठ वकील मोहन परासरण ने अदालत से कहा कि 2017 में तीन तलाक को असंवैधानिक ठहराने के न्यायालय के फैसले के बाद ये दो मुद्दे रह गए थे और इसका हल नहीं निकला था।

एक मुस्लिम पति को एक से ज्यादा पति रखने का अधिकार है। निकाह हलाला के अंतर्गत, अगर तीन तलाक दी गई मुस्लिम महिला अपने पति के पास वापस जाना चाहती है, तो उसे एक अन्य मर्द से शादी करनी होगी, फिर उसे तलाक देना होगा और उसके बाद ही वह अपने पहले पति से शादी कर सकती है।

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