बहुजन जागरूकता अभियान में समाज में तोड़ने वाली नहीं जोड़ने वाली चर्चाएं होनी चाहिए: लक्ष्य

कुशीनगर। लक्ष्य की कुशीनगर टीम ने बहुजन जागरूकता अभियान के तहत एक कैडर कैम्प का आयोजन कुशीनगर के गांव सुकरौली में किया जिसमे गांव वासियों ने विशेषतौर से महिलाओं ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। कैडर कैम्प के बाद बहुजन समाज के लोगों का जोश देखते ही बन रहा था। वे बार-बार लक्ष्य की महिला कमांडरों का धन्यवाद कर रहे थे तथा समाज के प्रति उनके समर्पण को लेकर उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहे थे।

समाज में तोड़ने वाली नहीं बल्कि जोड़ने वाली चर्चाएं होनी चाहिए अर्थात् हमें एक-दूसरे का आदर करना चाहिए नाकि एक-दूसरे की कमियां निकालनी चाहिए। यह सब नकरात्मक सोच का ही नतीजा है और ऐसी सोच से समाज कभी भी फलफूल नहीं सकता बल्कि समाज हमेशा कमजोर व लाचार ही बना रहेगा क्योंकि ऐसी सोच समाज में बिखराव ही पैदा करती है और इस बात के हम सब लोग साक्षी हैं यह बात लक्ष्य कमांडरों ने अपने सम्बोधन में कही।

नकरात्मक सोच की बजाए सकरात्मक सोच लानी होगी

लक्ष्य कमांडरों ने कहा कि अगर समाज के लोगों को अपनी स्थिति में बदलाव लाना है तो अपनी सोच बदलनी होगी, नकरात्मक सोच की बजाए सकरात्मक सोच लानी होगी। साथ ही समाज में एक मजबूत भाईचारा बनाना होगा । उन्होंने मान्यवर कांशीराम जी के आंदोलन के समय की याद दिलाते हुए कहा कि मान्यवर साहब ने समाज की सोच बदली और बदलाव हमारे सब के सामने है।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमें भी मान्यवर कांशीराम साहब वाली सकरात्मक सोच पर ही चलना होगा और उनके बलिदान को याद रखना होगा, यही स्वार्थ वाली गंभीर बीमारी का पक्का इलाज भी है।

कैडर कैम्प में लखनऊ से आईं लक्ष्य

इस कैडर कैम्प में लखनऊ से आईं लक्ष्य कमांडर विजय लक्ष्मी गौतम, चेतना राव, नीलम चौधरी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुईं और लखनऊ से आए लक्ष्य युथ कमांडर व मिशन गायक कुलदीप बौद्ध ने गीत के माध्यम से महापुरुषों के बलिदान को याद दिलाया। गोरखपुर से आए लक्ष्य कमांडर गोरख प्रसाद सिद्धार्थ ने मिशन को पूर्वांचल में मजबूत करने का आवाहन किया।

कैडर कैम्प के आयोजक

कैडर कैम्प के आयोजक धर्मपाल व जी पी चौधरी ने सभी लोगों का विशेषतौर से लखनऊ से आईं लक्ष्य की महिला कमांडरों का आभार प्रकट किया और उनके समाज के प्रति समर्पण भाव की जोरदार प्रशंशा की । उन्होंने कुशीनगर जिले में लक्ष्य संगठन को मजबूत करने का आश्वासन दिया।

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