महिला कॉलेज में जांच के नाम पर लेडीज टॉयलेट में घुसा अधिकारी, छात्राओं में मची भगदड़

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सुल्तानपुर: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के जिला समन्वयक पर शिक्षिकाओं और छात्राओं से अभद्रता का इल्जाम लगा है। आरोप है कि जिला सन्वयक ने महिला विश्वविद्यालय की प्राचार्य की गैरमौजूदगी में और बिना शिक्षिकाओं को जांच टीम में शामिल किए स्कूल में जांच की। इस दौरान वह महिला प्रसाधन (लेडीज टॉयलेट) में भी घुस गये, जबकि उस समय कई छात्राएं टॉयलेट का इस्तेमाल कर रही थीं। प्राचार्य ने जिलाधिकारी से जिला समन्वयक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की मांग करते हुए उनके स्कूल में प्रवेश पर पाबंदी लगाने की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, सुल्तानपुर शहरी क्षेत्र स्थित राजकीय महिला इंटर कॉलेज में जिला समन्वयक राकेश कुमार सिंह निरीक्षण करने पहुंचे थे। आरोप है कि जांच से पहले ना तो उन्होंने प्राचार्य पूनम प्रियदर्शनी को सूचित किया और ना ही कॉलेज के शिक्षक-शिक्षिकाओं को कुछ बताया।

बिना बताए शौचालय में घुसे- प्राचार्य

प्राचार्या पूनम प्रियदर्शनी का आरोप है कि जिला समन्वयक राकेश कुमार बिना विद्यालय स्टाफ को लिए ही महिला विद्यालय के शौचालय के भीतर भी चले गये, वह भी तब जब छात्राएं शौचालय का  इस्तेमाल कर रही थी। उनकी इस हरकत से छात्राओं में भगदड़ मच गई और वह चिल्लाते हुए भागने लगीं।

प्राचार्या ने डीएम से कार्रवाई की मांग की

मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राचार्य पूनम ने जिला समन्वयक राकेश के खिलाफ जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग की है। पूनम ने कहा कि उनके आने से विद्यालय की शांति व्यवस्था भंग हुई है। साथ ही उन्होंने शिक्षिकाओं और छात्राओं से बदतमीजी की है। जिसके चलते उनके विद्यालय में प्रवेश को प्रतिबंधित किया जाए।

किसी भी स्थिति में प्रवेश ना दिया जाए- पूनम

पूनम ने शिक्षा निदेशक को चिट्ठी लिखते हुए कहा है कि किसी भी परिस्थिति में जिला समन्वय को विद्यालय में प्रवेश करने ना दिया जाए। इससे शिक्षिकाएं एवं छात्राएं भय के माहौल में होंगी। इस पत्र में विभागीय कार्रवाई करने की मांग भी की गई है।

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