रमज़ान के इस पाक महीने में अल्लाह दिल खोल कर करते हैं रहमतों की बारिश

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नई दिल्ली। रमज़ान का मुबारक महीना शुरू हो चुका है। रमज़ान के महीने में रोजेदार 30 दिनों तक रोजे रखते हैं। यह महीना त्‍याग और समर्पण का होता है। यदि आप बुराइयों से दूर नहीं रहेंगे तो आपको कोई फल नहीं मिलेगा। आइये जानते हैं रमजान के महीने में कौन से काम भूल कर भी नहीं करने चाहिये। रमज़ान के महीने में सभी अल्लाह से की गई गलतियों की माफी मांगते हैं।

रमज़ान 17 मई को शुरू हो चुका है, जिसको लेकर दुनिया भर में खुशी का जश्‍न मनाया जा रहा है। लोग एक दूसरे को मुबारकबाद दे रहे हैं और गले मिल रहे हैं। रमज़ान के महीने में रोजेदार 30 दिनों तक यानी की एक महीने तक रोजा रखते हैं और अल्‍लाह को याद करते हैं।

कहा जाता है इस पाक महीने में अल्लाह दिल खोल कर करते हैं रहमतों की बारिश। जिस तरह बारिश के मौसम में आसमान से गिरने वाली बूंदें एकजुट होकर तमाम गंदगी और कूड़े-करकट को किनारे लगा देती हैं, वैसे ही रमजान के महीने में अल्लाह की रहमत रूपी बारिश इंसान को पाक-साफ कर देती है।

उन्होंने कहा कि रमज़ान के पाक महीने में अल्लाह अपने बंदों पर दिल खोलकर रहमतों की बारिश करता है। भूखे-प्यासे रहकर इबादत में खो जाने वाले रोजेदार लोग खुद को अल्लाह के नजदीक पाते हैं और आम दिनों के मुकाबले रमजान में इस क़ुरबत (करीबी) के एहसास की शिद्दत बिल्कुल अलग होती है, जो आमतौर पर बाकी के महीनों में नहीं होती है।

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