इस तरह शिशु बन सकता है चतुर और बुद्धिमान

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देखा जाए तो इस संसार में सभी माता-पिता अपने होने वाले बच्चे को चतुर और बुद्धिमान बनाना चाहते हैं,
क्योंकि वो चाहते हैं कि जब उनका बच्चा बड़ा हो जाए तो वो सारी परेशानियों को आसानी से संभाल सके।
लगभग प्रत्येक माता-पिता ऐसा चाहते हैं लेकिन किन्हीं कारणवश इससे संबंधित उपायों को नहीं अपना पाते हैं।
आइए हम आपको बताते है कि कैसे शिशु को चतुर और बुद्धिमान बनाया जा सकता है।नवजात शिशु और बच्चे की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए उसे जन्म के एक घंटे के अंदर मां का दूध पिलाना जरूरी
है। दो साल की उम्र तक बच्चों को स्तनपान कराएं यह नवजात शिशु को कई संक्रमणों और बीमारियों से
सुरक्षित रखता है, स्तनपान कराने से नवजात शिशु के लिए जरूरी सभी पोषक तत्व मिल जाते हैं, इससे उनका
संपूर्ण पोषण होता है जिससे बढ़ते बच्चों में मेटाबॉलिज्म की जरूरतें पूरी होती हैं।

बच्चे को सही तरीके से मां का दूध पिलाने से बच्चे में मां का प्यार जन्म लेता है और बाद में उसका
मानसिक-सामाजिक विकास होता है। इससे बच्चे को बेहतर मानसिक और शारीरिक विकास होता है और बच्चों
की कई आम बीमारियों का खतरा कम हो जाता है और बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।

6 माह से लेकर 18 साल के बच्चे की पोषण संबंधी आवश्यकताएं बिल्कुल बदल जाती हैं अब उसे मां के दूध के
अलावा ठोस आहार भी चाहिए बच्चे के लिए जरूरी मात्रा में विटामिन्स और मिनरल्स के साथ-साथ प्रोटीन्स,
फैट्स, आयरन और कार्बोहाइड्रेट की आपूर्ति होना जरूरी है।

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