उत्तर प्रदेश में सेनीटाइजर ने 9 महीनों में बनाया रिकॉर्ड, 137 करोड़ का मिला राजस्व

योगी सरकार ने कोरोना महामारी फैलने के बाद उत्तर प्रदेश में आपदा को अवसर में तब्दील कर दिया हैं। योगी सरकार ने कोविड-19 महामारी के दौरान सेनीटाइजर का उत्‍पादन 177 लाख लीटर दर्ज कराकर राजस्व वृद्धि का एक नया रिकार्ड बनाया है।

लखनऊ: योगी सरकार ने कोरोना महामारी फैलने के बाद उत्तर प्रदेश में आपदा को अवसर में तब्दील कर दिया हैं। योगी सरकार ने कोविड-19 महामारी के दौरान सेनीटाइजर का उत्‍पादन 177 लाख लीटर दर्ज कराकर राजस्व वृद्धि का एक नया रिकार्ड बनाया है। आबकारी विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य की चीनी मिलों और छोटी इकाइयों ने 24 मार्च से लागू लॉकडाउन के बाद से 15 नवंबर 2020 तक 177 लाख लीटर सेनीटाइजर का रिकॉर्ड मात्रा में उत्पादन किया है। इससे उत्तर प्रदेश सरकार को 137 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है, जो एक सबसे बड़ा रिकार्ड बना है।

आबकारी विभाग के मुताबिक सिर्फ यूपी में ही नहीं इसके बाहर भी 78.38 लाख लीटर सेनीटाइजर की बिक्री हुई है। जबकि प्रदेश में अब तक कुल 87.01 लाख लीटर सेनीटाइजर बेचा गया है। इस हिसाब से सेनीटाइजर की कुल बिक्री 165.39 लाख लीटर हुई है।

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अपर मुख्य सचिव आबकारी संजय आर भूसरेड्डी ने बताया जानकारी देते हुए बताया कि आपदा में अवसर मंत्र का पालन करते हुए सेनीटाइजर का उत्‍पादन समय पर कराया गया साथ ही बाजार में समय पर सेनीटाइजर की उपलब्‍धता भी तय की है। इसी वजह से यूपी ने सेनीटाइजर से राजस्व सृजन में एक कीर्तिमान स्थापित किया है। जारी किये गए आंकड़ों के मुताबिक सेनीटाइजर उत्‍पादन से 12,848 लाख रुपये का जीएसटी राजस्व और 794.28 रुपए का लाइसेंस शुल्क मिला है जबकि विकृतीकरण से प्राप्त राजस्व 21.18 लाख रुपए है।

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