वाराणसी में बुनकरों ने बिजली दर में बढ़ोतरी को लेकर हड़ताल का किया एलान

हड़ताल
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वाराणसी: उत्तर प्रदेश में वाराणसी के बुनकरों ने बढ़ी हुई बिजली दरों को लेकर राज्य सरकार पर वादा खिलाफी और सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए गुरुवार 15 अक्टूबर से एक बार फिर अनिश्चितकालीन ‘मुर्री’ बंद हड़ताल करने की घोषणा की है।

वाराणसी बुनकर बिरादराना तंज़ीम बाईसी के सरदार हाजी अब्दुल कलाम की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई बैठक में बुनकरों ने सर्व सम्मति से एक बार फिर बेमियादी हड़ताल कर अपना विरोध व्यक्त करने का निर्णय लिया।

कलाम का आरोप है कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2006 की तर्ज पर एकमुश्त दर पर बिजली आपूर्ति जारी रखने का आश्वासन दिया था, लेकिन उस पर अमल नहीं किया गया है। उनका कहना है कि सरकार ने कई बार पुरानी बिजली दर व्यवस्था बनाये रखने का आश्वासन दिया था। हाल में करीब डेढ़ माह पहले भी इसी प्रकार के आश्वासन दिये गये थे लेकिन उसकी भी अनदेखी कर दी गई। इस वजह से बुनकर ‘मुर्र’ बंद करने को मजबूर हैं।

उनका कहना है कि बुनकरों की बदहाली को देखते हुए वर्ष 2006 की तत्कालीन राज्य सरकार ने खेती की तर्ज पर बुनकरों को एकमुश्त (फ्लैट रेट) दर पर बिजली देने की व्यवस्था शुरू की थी ,लेकिन वर्तमान योगी आदित्यनाथ सरकार ने उसे बंद कर दिया। इस वजह से बुनकरों के सामने दो वक्त की रोटी जुटाना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। उनका कहना है कि महंगाई समेत अन्य मोर्चों पर चौतरफा मार झेलने को मजबूर बुनकरों के सामने पहाड़ जैसा संकट खड़ा है। बिजली की बढ़ी हुई दर से उनकी परेशानी और बढ़ गई है।

कलाम ने कहा कि बुनकरी वाराणसी की खास पहचान है। यहां की बनारसी साड़ी दुनियाभर में जाती है। बुनकरी गंगा जमुनी तहजीब की एक मिसाल पेश करती है। सरकार को बुनकरों की समस्याओं पर तत्काल गौर कर कोई हल निकालना चाहिए।

 

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