आय फाइनैंस नें बदल कर रख दी मूर्तिकार की किस्मत

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नई दिल्ली। सूक्ष्म एवं लघु आकार के उद्यमियों के लिए अपने व्यवसायों के लिए पर्याप्त और किफायती ऋण जुटाना हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है। जब अलीगढ़ के ‘ब्रास क्लस्टर’ में पीतल की मूर्तियों के व्यवसाय के मालिक जानकी प्रसाद शर्मा को भगवान विष्णु की मूर्ति बनाने के लिए 30 लाख रुपये का ऑर्डर मिला था तो खुश होने के बजाय वे इसे लेकर एक नई चिंता के शिकार हो गए।उनकी चिंता यह थी कि इतनी बड़ी मूर्ति के निर्माण के लिए कच्चे माल और श्रमिकों पर उन्हें बड़ी पूंजी खर्च करने की जरूरत होगी और वे पूंजी की व्यवस्था कैसे कर पाएंगे? जानकी पिछले 10 वर्षो से अलीगढ़ के ‘ब्रास क्लस्टर’ में अपना व्यवसाय चला रहे हैं और उनके लिए पूंजी जुटाने का एकमात्र स्रोत स्थानीय साहूकार थे जो बहुत ज्यादा ब्याज दर वसूलते थे। इसके अलावा साहूकार से लिए गए ऋण की मासिक किस्त में सिर्फ ब्याज वसूला जा रहा था और मूल रकम जस की तस बनी रहती थी।

वे ऋण के लिए बैंक के पास नहीं जा सकते थे क्योंकि बैंकों द्वारा उनकी ऋण योग्यता जानने के लिए उनके पास जरूरी दस्तावेज या ऋण चुकाने संबंधी पिछला रिकॉर्ड नहीं था। वे हर हाल में मूर्ति बनाने के ऑर्डर को पूरा करना चाहते थे, लेकिन पर्याप्त पूंजी का अभाव इसमें आड़े आ रहा था।

आय फाइनैंस के लोन एडवाइजर इंद्रजीत से हुई मुलाकात ने उन्हें उम्मीद की किरण दिखाई। आय फाइनैंस अलीगढ़ में 2014 से छोटे उद्यमियों को ऋण सुविधा मुहैया करा रही है व कार्यशील पूंजी के साथ साथ अन्य जरूरतों के लिए ऋण का किफायती स्रोत मुहैया करा रही है। आय फाइनैंस ने एक ऐसी क्लस्टर आधारित प्रणाली का नया रूप दिया है जो व्यावसायिक क्लस्टर के परिचालन के आंतरिक ज्ञान का इस्तेमाल करती है।

आय फाइनैंस बिजनेस अकाउंट, ऋण रिकॉर्ड या बैंकिंग ट्रैक रिकॉर्ड के अभाव के बावजूद उधारी निर्णयों में सक्षम है। आय फाइनैंस ने श्रेष्ठ अनुभव मुहैया कराने के लिए सस्ती शाखाओं का व्यापक नेटवर्क स्थापित किया है, क्योंकि कंपनी यह अच्छी तरह से समझती है कि सूक्ष्म स्तर के व्यवसाय अभी इंटरनेट-सक्रिय नहीं हैं और इसलिए उन्हें अभी ब्रांच सर्विस की जरूरत है।

आय फाइनैंस से मिले ऋण की मदद से शर्मा ने ना सिर्फ आर्डर को समय पर पूरा किया, बल्कि अपने व्यवसाय को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।

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