राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का बढ़ता दर बना चिन्ता का विषय

देश की राजधानी दिल्ली में वायू प्रदूषण की दर कम होने का नाम नहीं ले रही है। दिल्ली की हवा का प्रदुषित रहना अब भी दिल्ली वालों और सरकार के लिए चिन्ता का विषय बना हुआ है।

दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की दर कम होने का नाम नहीं ले रही है। दिल्ली की हवा का प्रदूषित रहना अब भी दिल्ली वालों और सरकार के लिए चिन्ता का विषय बना हुआ है। मंगलवार को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार दिल्ली की हवा को बहुत प्रदूषित बताया गया है। जारी आंकड़ों के मुताबिक देश की राजधानी दिल्ली को प्रदूषण के मामले में बहुत ऊपर रखा गया है। यहां पर हवा की गुणवत्ता बहुत ही निचले स्तर पर दर्ज की गई है।

पराली जलाना बड़ी वजह

दिल्ली की हवा के इतने प्रदूषित होने का कारण राजधानी के आस-पास के क्षेत्रों में जलायी जाने वाली पराली को माना जा रहा है। जारी किये गए आंकड़ों के अनुसार पंजाब जैसे क्षेत्रों में इस मौसम में पराली जलाए जाने के कारण दिल्ली की हवा और प्रदूषित हुई है। पराली जलाए जाने के कारण लगभग 49 प्रतिशत वृद्धि के साथ दिल्ली की हवा प्रदुषित हुई। जिससे दिल्ली निवासियों को सांस लेने में तकलीफ जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रदूषण के कारण बढ़ी परेशानी

हवा प्रदूषित हो जाने के कारण दिल्ली के कई इलाकों में बन रहे कोहरे की वजह से लोगों को दिखाई देने भी दिक्कतें आ रही हैं। दिल्ली की हवा में बन रहे स्मॉग के कारण विजिबिलिटी काफी घट गई है। मंगलवार को दिल्ली के आनंद विहार इलाके में क्वालिटी इंडेक्स 300 अंक दर्ज किया गया है। यह वायु गुणवत्ता सूची में काफी खराब श्रेणी में आता है।

वायु गुणवत्ता में 0-5 एक्यूआई को अच्छे श्रेणी में, 50-100 को संतोषजनक, 101-200 के बीच मध्यम 201-300 को खराब, 301-400 को बहुत खराब और 401-500 के बीच को बहुत ही खराब श्रेणी में रखा गया है।

पंजाब में लगातार पराली जलाने के बढ़ते मामले

पंजाब में पराली जलाने की घटना दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। सरकार के पराली जलाए जाने पर प्रतिबंध लगाने के बाद भी किसान पराली जलाने से बाज नही आ रहे हैं। इस अवधि में पंजाब में 21 सितंबर-2 नवंबर तक लगभग 36,755 घटनाएं सामने आई। सोमवार को पंजाब में 3,590 पराली जलाने के नए मामले सामने आए हैं।

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