कश्मीर में हिंसा को बढाने वाले कभी कामयाब नहीं होंगे, मन की बात में बोले पीएम

नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में जल संरक्षण से लेकर कश्मीर तक कई मुद्दों पर बात की। पीएम मोदी ने कहा कि मेरे कहने से पहले भी जल संरक्षण आपके दिल को छूने वाला विषय था, सामान्य मानवी की पसंदीदा विषय था। मैं अनुभव कर रहा हूं कि पानी के विषय ने इन दिनों हिन्दुस्तान के दिलों को झकझोर दिया है। वहीं, कश्मीर पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, ये साफ है कि जो लोग विकास की राह में नफरत फैलाना चाहते हैं, अवरोध पैदा करना चाहते हैं, वो कभी अपने नापाक इरादों में कामयाब नहीं हो सकते।

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कश्मीर के आलावा पीएम ने कई अन्य मुद्दों पर की चर्चा

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने चंद्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण का जिक्र करते हुए स्कूली छात्रों के लिए क्विज प्रतियोगिता आयोजित किए जाने की घोषणा की जिसके विजेता को सात सितंबर को श्रीहरिकोटा में चंद्रयान 2 की लैंडिंग के क्षण का साक्षी बनने का मौका मिलेगा। एक महीने के इंतजार के बाद फिर आऊंगा। आप क्विज प्रतियोगिता का मौका मत छोड़िए। आप श्रीहरिकोटा जाने का जो अवसर मिलने वाला है इसको किसी भी हालत में जाने मत देना।

बाढ़ के संकट में घिरे लोगों को मैं आश्वस्त करता हूं कि केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर प्रभावित लोगों को हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने का काम बहुत तेज गति से कर रही है।
अगस्त महीना ‘भारत छोड़ो’ की याद लेकर आता है। मैं चाहूंगा कि 15 अगस्त की कुछ विशेष तैयारी करें आप लोग। आजादी के इस पर्व को मनाने का नया तरीका ढूंढें। जन भागीदारी बढ़ाएं। 15 अगस्त लोकोत्सव कैसे बने? जनोत्सव कैसे बने? इसकी चिंता जरूर करें। उत्तराखंड में भी चार धाम की यात्रा के लिए रिकॉर्ड श्रद्धालु पहुंचे हैं। बारिश, ताजगी और खुशी दोनों ही अपने साथ लाती है। मेरी कामना है कि यह मानसून आप सबको लगातार खुशियों से भरता रहे। आप सभी स्वस्थ रहें। सावन माह में चारों ओर एक नई ऊर्जा का संचार होने लगता है। इस बार अमरनाथ यात्रा में पिछले चार वर्षों में सबसे ज्यादा श्रद्धालु शामिल हुए हैं। जो लोग भी यात्रा से लौटकर आते हैं, वे जम्मू-कश्मीर के लोगों की गर्मजोशी और अपनेपन की भावना के कायल हो जाते हैं।

बैक टू विलेज प्रोग्राम के बारे में पूरे देश को जानकारी होनी चाहिए। कश्मीर के लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़ने को कितने बेताब हैं, कितने उत्साही हैं यह इस कार्यक्रम से पता चलता है। योगेश सैनी इंजीनियर हैं और अमेरिका में नौकरी छोड़कर मां भारती की सेवा के लिए वापस आए हैं। स्ट्रीट आर्ट के माध्यम से, दिल्ली के कई इलाकों को, खूबसूरत पेंटिग से सजाने-संवारने का काम किया। कुंभ के दौरान प्रयागराज को सजाने में भी योगेश सैनी ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई।

मन की बात’ के माध्यम से, मैं देश के विद्यार्थी दोस्तों के साथ, युवा साथियों के साथ एक बहुत ही दिलचस्प प्रतियोगिता के बारे में जानकारी साझा करना चाहता हूं और देश के युवक-युवतियों को निमंत्रित करता हूं। मैं स्कूलों से, अभिभावकों से, उत्साही आचार्यों और शिक्षकों से, विशेष आग्रह करता हूं कि वे अपने स्कूल को विजयी बनाने के लिए कड़ी मेहनत करें।

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