सैफ कप : सातवीं बार चैम्पियन बना भारत

50430056तिरुवनंतपुरम दक्षिण एशियाई फुटबाल में अपना दबदबा फिर से कायम करते हुए भारतीय फुटबाल फुटबाल टीम ने रविवार को त्रिवेंद्रम अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में हुए फाइनल मुकाबले में अफगानिस्तान को 2-1 से हराकर सातवीं बार सैफ कप खिताब पर कब्जा कर लिया। सैफ कप के फाइनल में दोनों टीमें लगातार तीसरी बार आमने-सामने थीं और भारत ने पिछली बार मिली खिताबी हार का बदला भी चुका लिया।

निर्धारित समय तक स्कोर 1-1 से बराबर रहने के बाद भारतीय टीम के कप्तान सुनील क्षेत्री ने मैच के 101वें मिनट में भारत के लिए विजयी गोल दागा। छेत्री ने अफगानिस्तान की रक्षापंक्ति में चूक का तत्काल फायदा उठाया और शानदार फील्ड गोल दाग दिया। इससे पहले दोनों टीमों के बीच निर्धारित समय का खेल 1-1 से बराबरी पर छूटा और मैच के दौरान दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखी गई।

मैच का पहला गोल अफगानिस्तान के लिए जुबैर अमिरी ने 70वें मिनट में किया। हालांकि भारत के स्ट्राइकर जेजे लालपेख्लुआ ने तेज पलटवार करते हुए 72वें मिनट में भारत को बराबरी दिला दी। लालपेख्लुआ के पास मैच के 14वें मिनट में ही अपनी टीम को बढ़त दिलाने का बेहतरीन मौका मिला था। अफगान रक्षापंक्ति से वह गेंद छीनने में भी सफल रहे और नरजारी को गेंद पास कर दी, लेकिन नरजारी का क्रॉस अफगानिस्तान के डिफेंडर अमिरी के पैर से टकरा गया और गोलकीपर ओवैश अजीजी ने रोक लिया।

अजीजी से लौटकर आई गेंद को लालपेख्लुआ ने दोबारा हेडर के जरिए गोल की दिशा देने की कोशिश की, लेकिन गेंद गोलपोस्ट से टकराकर छिटक गई। मैच के 56वें मिनट में बॉक्स के बाहर से लगाया गया लालपेख्लुआ का शॉट फिर से गोलपोस्ट से टकराकर रह गया। अफगानिस्तान के कप्तान फैजल शायेसेठ, लेफ्ट विंगर नूरुल्लाह अमिरी और राइट विंगर मुस्तफा जजई की स्ट्राइकर तिकड़ी ने भारत को कई बार को मुिश्कल में डाला।

भारतीय कप्तान सुनील छेत्री ने भी नरजारी की मदद से कई अच्छे हमले किए। उधर भारतीय गोलकीपर गुरप्रीत ने मैच के 52वें मिनट में जजई के शॉट पर शानदार बचाव किया। हालांकि कुछ ही देर बाद अफगानिस्तान के लिए अमिरी ने तेज-तर्रार खेल दिखाते हुए भारतीय गोलकीपर गुरप्रीत के पैरों के बीच से गेंद को गोलपोस्ट की राह दिखा दी।

अफगानिस्तान हालांकि इस बढ़त का जश्न ज्यादा देर नहीं मना सका। लालपेख्लुआ ने मात्र दो मिनट के अंदर छेत्री से मिले फ्री किक को अफगानिस्तान के गोलपोस्ट के ऊपरी कोने से नेट में पहुंचा दिया। इस गोल ने भारतीय प्रशंसकों के बीच खुशी की लहर दौड़ पड़ी और भारतीय टीम में फिर से नई ऊर्जा दिखने लगी। अंतत: छेत्री ने अतिरिक्त समय में भारत को विजयी गोल दिलाया।

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